संजीवनी बूटी मिशन अमीर और गरीब के खाई को मिटाकर हर घायल को कुछ मिनटो में हॉस्पिटल पहुंचा कर बचाएगी जिंदगी. हेलमेट मैन ने कहा सड़क दुर्घटना एक अदृश्य युद्ध है, और इस युद्ध की लड़ाई में हम उत्तर प्रदेश सरकार से आर्थिक सहायता नहीं सिर्फ अनुमति और सहयोग चाहते हैं.
ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के अधिकारी IAS शैलेंद्र सिंह ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए “संजीवनी बूटी मिशन” को एक ऐतिहासिक पहल बताया। इन्होंने सड़क सुरक्षा की मजबूती को एक विकल्प के रूप में संजीवनी बूटी मिशन से जुड़े सभी टीम की सराहना करते हुए कहा, कोविड खत्म होने के बाद हर सप्ताह सड़क दुर्घटना से संबंधित मदद के लिए कॉल आती रहती जहां अधिकारी भी मजबूर हो जाते हैं. विभागीय स्तर पर हमने ऐसे कई होनहार अधिकारी इंजीनियर को सड़क दुर्घटनाओं में खो चुके हैं क्योंकि उन्हें भी समय रहते अस्पताल नहीं पहुंचाया गया. संजीवनी बूटी मिशन मॉडल से सिर्फ उत्तर प्रदेश की ताकत नहीं, बल्कि आने वाले भारत में सभी एक्सप्रेसवे के लिए विकास की ताकत बनेगी.
यमुना प्राधिकरण के सामने हेलमेट मैन ऑफ इंडिया की टीम ने एविएशन से जुड़ी तकनीकी जानकारी डॉ. नवनीत ने विस्तारपूर्वक प्रस्तुत की। एविएशन इंडस्ट्री में लगभग 25 वर्षों का अनुभव रखने वाले डॉ. नवनीत ने भारत सहित दुनिया के कई देशों में कठिन परिस्थितियों में 5,000 से अधिक लोगों के रेस्क्यू ऑपरेशन में योगदान दिया है. इस पूरे मिशन के लिए हेलीकॉप्टर की उपलब्धता लीज कंपनी EMSOS pvt Ltd कर रही हैं. हेलीपैड एवं DGCA संबंधित ग्राउंड के सभी कार्य भारतीय सेना में महत्वपूर्ण योगदान दे चुके कर्नल मोहित गौण देंगे. इन्होंने कहा सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ अब सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ने की आवश्यकता है। यमुना एक्सप्रेसवे पर हेलीकॉप्टर सेवा सिर्फ ₹1 में आम जनता सुविधा उपलब्ध करना गर्व की बात है.
“संजीवनी बूटी मिशन” का उद्देश्य उन दुर्घटना पीड़ितों तक तेजी से चिकित्सा सहायता पहुंचाना है, जहां सड़क मार्ग से अस्पताल पहुंचने में महत्वपूर्ण समय लग जाता है। डीपीआर में चिन्हित स्थानों पर घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाना आज भी एक बड़ी चुनौती है।
Helmet Man of India राघवेंद्र कुमार की टीम इस चुनौती का समाधान लेकर प्राधिकरण के सामने पूरी जानकारी दी. कैसे प्रत्येक वाहन से सिर्फ ₹1 रूपए टोल में ये सुविधा हर नागरिक को दी जाएगी. हेलीकॉप्टर की उपलब्धता, ऑपरेशनल व्यवस्था, जमीन पर आवश्यक तैयारी और रेस्क्यू सिस्टम से जुड़ी पूरी कार्ययोजना प्रस्तुत की।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पहल को सरकारी राजस्व पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना संचालित करने की योजना है।
जब यमुना एक्सप्रेसवे पर किसी इंसान की जिंदगी खतरे में हो, तो उसे बचाने के लिए हेलीकॉप्टर घटनास्थल पर उतारा जा सके. क्योंकि हर सेकंड किसी की जिंदगी बचा सकता है.
ज्ञापन पत्र के साथ राघवेंद्र कुमार, डॉ नवनीत, कर्नल मोहित, पवन द्विवेदी, सिद्धि विनायक, शुभम सिंह, श्रेया शर्मा 7x ओमप्रकाश, नन्द किशोर आदि सभी लोग मौजूद रहे.
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