सिधौली क्षेत्र के मनिकापुर गांव स्थीत शीतला मंदिर पर सात दिवसीय श्री शतचंडी महायज्ञ एवं विराट संत सम्मेलन चल रहा है। तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और भक्तिभाव में झूमते रहे। यज्ञ में भंडारे और यज्ञशाला कि सभी भक्त 108 परिक्रमा लिख कर रहे हैं यह महायज्ञ 5 मार्च से 11 मार्च तक चलेगा।
शतचंडी महायज्ञ के तीसरे दिन प्रवचन में भक्ति के रस में डूबा मंदिर परिसर इन दिनों भक्ति और श्रद्धा के रंग में सराबोर है।
आयोजित सात दिवसीय श्री शतचंडी महायज्ञ एवं विराट संत सम्मेलन के चौथे दिन को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रवचन के दौरान भक्ति भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। चौथे दिन की कथा में 'पराया दर्द जो समझे उसे इंसान कहते हैं भजन परमहंस स्वामी प्रकाशानंद सरस्वती जी फलाहारी बाबा ने अपनी अमृतमयी वाणी से भक्तों को निहाल किया।
उन्होंने जब मधुर पराया दर्द भी समझे उसे इंसान कहते हैं एवं ब्रह्मचारी अनुभवानंद जी ने कहा तू दुख के दिनों में याद आता है, तेरी महिमा अपरम्पार है' जैसे भजन सुनाए, तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और जयकारों से गूंज उठा।
भक्त भगवान की भक्ति में पूरी तरह लीन दिखे। यज्ञ यजमान राम नरेश पाल , शैलेन्द्र सिंह सत्य प्रकाश सिंह द्वारा कार्यक्रम में पधारे आगंतुकों को चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया जा रहा है। यज्ञ के दौरान प्रतिदिन विशाल भंडारे का आयोजन हो रहा है। बता दें कि सात दिनों तक चलने वाले इस अनुष्ठान में विभिन्न तिथियों पर अलग-अलग कार्यक्रम का विधान संपन्न किया जा रहा है।
यह महायज्ञ 5 मार्च से शुरू हुआ है और आगामी 11 मार्च तक चलेगा। अंतिम दिन 11 मार्च को पूर्णाहुति, हवन और विशाल महाप्रसाद के वितरण के साथ अनुष्ठान का समापन होगा। मौके पर समिति की सक्रियता मंदिर आयोजन समिति के सदस्य पदाधिकारी व भक्तजन बब्लू रावत, मनीष जयसवाल ,राजा राम , ज्ञानेश पाल धनगर, भारत मामा, सुनिल रावत , मलखान सिंह, अनुराग , हर्षवर्धन पाल , आशुतोष सिंह, जितेंद्र सिंह, आशीष सिंह,आदि लोग मौजूद रहे
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