कृषि मंत्री ने जनपदस्तरीय अधिकारियों के साथ ली आकस्मिक बैठक
*किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ाने हेतु हो सार्थक प्रयास*
*पीएम किसान निधि के लिए ईकेवाईसी अनिवार्य*
*इंटरक्रॉपिंग फसलों के उत्पादन पर हो फोकस*
*एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फण्ड के सहयोग से जनपद में कृषि उत्पादन को दिया जाए बढ़ावा*
कृषि मंत्री उत्तर प्रदेश सूर्य प्रताप शाही का आज देर शाम जनपद आगमन हुआ। इस क्रम में जनपद स्तरीय अधिकारी गणों के साथ सर्किट हाउस में उन्होंने आकस्मिक बैठक ली।
बैठक में माननीय मंत्री द्वारा जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम, पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल के साथ साथ उद्यान विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग,विकास विभाग के अधिकारियों के साथ जनपद में संबंधित विभागों की योजनाओं पर समीक्षा की गई।
इस क्रम में मंत्री जी ने उद्यान अधिकारी से हॉर्टिकल्चर, पौधशाला, बरवा फॉर्म में पोटैटो आलू के टिशु कल्चर को प्रोत्साहित किए जाने की बात की। उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग, कोल्ड स्टोरेज, अत्याधुनिक तकनीक के आधार पर बीज रोपण आदि के संबंध में भी दिशा निर्देश दिए।
इस क्रम में कृषि अधिकारी बी0 आर0 मौर्या तथा ए आर कोऑपरेटिव शिवजी यादव से जनपद में उर्वरक की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि उर्वरक सभी विक्रय केंद्रों पर आवश्यक रूप से उपलब्ध हो। कृषि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उर्वरक को एम आर पी पर ही विक्रय किया जाए। इस क्रम में उन्होंने जनपद में यूरिया डीएपी की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली, उनके बाजार दरों के बारे में जाना।
कृषि अधिकारी को उर्वरक की विक्री, विक्रय दर, बाजार दर आदि मुद्दे पर नियमित तौर पर निरीक्षण व समीक्षा किये जाने हेतु आवश्यक निर्देश उन्होनें दिए।
माननीय मंत्री जी ने धान के बीज के साथ-साथ अन्य फसलों के रोपण को प्रोत्साहित किए जाने के भी निर्देश दिए ।उन्होंने कहा कि धान के साथ ज्वार,बाजरा और मूंगफली का रोपण किया जा सकता है। गन्ने के साथ मिश्रित कृषि के उत्पादन पर उन्होनें जोर दिया उन्होंने कहा कि गन्ने के साथ मुंग, आलू, अदरक, धनिया का भी उत्पादन किया जा सकता है। उन्होंने मिट्टी के संरक्षण पर भी फोकस करने का निर्देश कृषि अधिकारी को दिया।
मा0 मंत्री जी ने कहा कि किसानों की अतिरिक्त आय कैसे बढ़े उस दिशा में सार्थक प्रयास किये जाने चाहिए। उन्होंने फसल उत्पादन में इंटर क्रॉपिंग पर फोकस करने का निर्देश दिया।
ए0 आर0 कॉपरेटिव से उन्होंने पैक्स समिति के बारे में जानकारी ली। मंत्री जी ने पूछा कि कितनी समितियों के पास गोडाउन है, कितनी समितियों का भवन जर्जर हो चुका है।
आज की बैठक में मा0 मंत्री जी का जोर कृषि आधारभूत फंड पर भी था। उन्होंने कहा कि इस फंड के सहयोग से जनपद में बड़ी यूनिट लगाई जा सकती है। इस क्रम में फाजिलनगर के पटहेरवा के पास एक प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा की एग्रीकल्चरल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में 02 करोड तक का ऋण कृषि कार्यों के लिए दिया जा सकता है जिसमें राइस मिल, फ्लोर मिल, एफ पी ओ, समूह में खेती आदि प्रमुख है।
माननीय मंत्री जी ने ए0 आर0 कॉपरेटिव को निर्देशित किया कि बड़े गोडाउन बनवाये जाए। यूरिया प्रीपोजिशन में जनपद में जीरो स्टॉक पर उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कम से कम 25% तक स्टॉक हो। पीएम किसान निधि में जनपद में 640000 पंजीकृत किसानों के सापेक्ष 200000 कृषको को ही 11वीं किश्त के दिए जाने पर भी उन्होनें चिंता जाहिर की।
मा0 मंत्री जी ने पीएम किसान निधि के लिए ई केवाईसी करवाना अनिवार्य बताया। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा की अपना ई के वाई सी 15 अगस्त तक निश्चित रूप से करवाएं। उन्होंने कहा कि गांव के भीतर राजस्व विभाग के साथ-साथ भूलेख का अटैचमेंट किया जाना भी आवश्यक है।
जिला अधिकारी को निर्देशित करते हुए उन्होनें कहा कि एफपीओ की समस्याओं का निराकरण किया जाना आवश्यक है। इस संदर्भ में जनपद के एफ पीओ को बुलाकर बैठक आयोजित की जाए, उनकी समस्याएं जानी जाए एवं उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाए। उन्होनें जनपद में केले की अपार संभावना को देखते हुए केले पर कार्य किए जाने की जरूरत बताई। इस क्रम में केले से निर्मित विभिन्न उत्पादों पर भी उन्होंने फोकस करने को कहा।
इस अवसर पर माननीय विधायक पडरौना मनीष जायसवाल, माननीय विधायक हाटा मोहन वर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष प्रेमचंद्र मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी उपमा पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुरेश पटारिया, उप कृषि निदेशक आशीष श्रीवास्तव, उप जिलाधिकारी पडरौना महात्मा सिंह, तहसीलदार पडरौना सुमित सिंह तथा भाजपा जिला महामंत्री मार्कण्डेय शाही मौजूद थे।.
दिनेश जायसवाल की रिपोर्ट।



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