बहुजन समाज को आत्मसम्मान,संगठन और सत्ता की राह दिखाने वाले महान विचारक, दूरदर्शी नेता और बहुजन आंदोलन के शिल्पकार मान्यवर कांशीराम जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। 🙏
उन्होंने अपना पूरा जीवन बहुजन समाज को जागरूक करने, संगठित करने और उसे राजनीतिक शक्ति बनाने के लिए समर्पित कर दिया। उनका स्पष्ट संदेश था कि जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक उसे उसका अधिकार और सम्मान नहीं मिलेगा।
मान्यवर साहब ने हमें सिखाया कि
“जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी भागीदारी।”
यह केवल एक नारा नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और समान भागीदारी का सिद्धांत है।
आज आवश्यकता है कि हम उनके विचारों को केवल याद ही न करें, बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारें, समाज को शिक्षित और संगठित करें तथा सामाजिक न्याय, समानता और सम्मान की लड़ाई को और मजबूत बनाएं।
मान्यवर कांशीराम जी के संघर्ष, विचार और त्याग हमेशा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे।
मान्यवर कांशीराम साहब अमर रहें!
जय भीम जय संविधान
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