लखनऊ, 22 जुलाई। मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी, लखनऊ द्वारा 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा द्वारा भारतीय तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अंगीकृत किए जाने की स्मृति में ग्रामीण बच्चों के साथ राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस मनाया गया।
अकादमी के महासचिव डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी ने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता, एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की मूल रूपरेखा पिंगली वेंकैया ने तैयार की थी, जबकि स्वतंत्र भारत के लिए अशोक चक्र सहित राष्ट्रीय ध्वज के अंतिम स्वरूप को तैयार करने में मुस्लिम महिला सुरैया तैयबजी का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। यह भारत की गंगा-जमुनी संस्कृति तथा सभी समुदायों की साझा राष्ट्रनिर्माण की भावना का प्रेरक उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि विश्व के प्रत्येक स्वतंत्र राष्ट्र का ध्वज उसकी संप्रभुता, सम्मान और राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक होता है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करे और उसके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को सुदृढ़ बनाए।
इस अवसर पर बच्चों को तिरंगा भेंट किया गया तथा विजय विश्व तिरंगा प्यारा , झंडा ऊंचा रहे हमारा एवं राष्टगान के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
अब्दुल कुद्दूस हाशमी
9336984433
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