DM की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई राजस्व कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक



बहराइच 09 अक्टूबर। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित करकरेत्तर एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी शम्भु कुमार ने उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि तहसीलों में आयोजित होने वाली बैठकों को प्रभावी बनाया जाय। राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए  लापरवाह व उदासीन अधिकारियों व कर्मचारियों को चिन्हित करते हुए कठोर कार्यवाही की जाय। बैठक में वन विभाग के अधिधारियों की अनुपस्थिति पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिये।


जिलाधिकारी द्वारा बैठक के दौरान राजस्व कार्यो से सम्बन्धित अंश निर्धारण, भू-माफियाओं के विरुद्ध कार्यवाही, भू मानचित्र डिजीटाइजेशन, यूनिकोड, भूमि आवंटन कार्य, सार्वजनिक तालाबों पर  अतिक्रमण हटाये जाने की कार्यवाही, आय, जाति निवास प्रमाण पत्र जारी करने सहित अन्य बिन्दुओं की गहन समीक्षा करते हुए निर्देश दिये गये कि आय, जाति निवास प्रमाण पत्र जारी करने से सम्बन्धित प्रार्थना पत्रों का समयान्तर्गत निस्तारण की कार्यवाही की जाय। आवास के लिए भूमि आंवटन के सम्बंध में सभी तहसील पूरी संवेदनशीलता के साथ भूमि आंवटन की कार्यवाही सुनिश्चित करायें ताकि पात्र लोगों को आवासीय योजना का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होनें यह भी निर्देश दिया कि जिन तहसीलों में किसी बिन्दु में कार्य नहीं हुआ है यथाशीघ्र्र कार्य पूर्ण करायें।


जिलाधिकारी ने भू-राजस्व, वाणिज्यकर, स्टाम्प, आबकारी, बैंक,  विद्युत, परिवहन, खनिज, मण्डी समिति, स्थानीय निकाय, बांट-माप, वन, सिचाई आदि विभागों के करकतेत्तर वसूली की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि करकरेत्तर वसूली प्रगति को इसी प्रकार आगे भी बनाये रखा जाय ताकि निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जा सके। विभिन्न विभागों द्वारा प्रेषित तहसीलवार आरसी वासूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने तहसीलों को निर्देश दिया कि विभागों से आरसी का मिलान कर अपडेट करा कर शत प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करायंे। उन्होंने करकरेत्तर से सम्बन्धित विभागों को निर्देश दिया कि प्रवर्तन कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित कर निर्धारित विभागीय लक्ष्य की शत प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करायी जाय।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी जयचन्द्र पाण्डेय, मुख्य राजस्व अधिकारी प्रदीप यादव, उपजिलाधिकारी सदर सौरभ गंगवार, आईएएस नानपारा सूरज पटेल आईएएस, कैसरगंज महेश कुमार कैथल, महसी एस.एन. त्रिपाठी, पयागपुर कीर्ति प्रकाश भारती, मिहीपुरवा मोतीपुर जी.पी. त्रिपाठी, करकरेत्तर से सम्बन्धित विभागीय अधिकारी, पटल सहायक व अन्य सम्बन्धित लोग मौजूद रहे।

ःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःः

सहकारिता मंत्री का आगमन 10 अक्टूबर को  

बहराइच 09 अक्टूबर। प्रदेश के सहकारिता मंत्री श्री मुकुट बिहारी वर्मा जनपद भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार 10 अक्टूबर 2020 को पूर्वान्ह 11ः00 बजे महर्षि बालार्क चिकित्सालय (जिला चिकित्सालय) बहराइच में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित वृहद मानसिक स्वास्थ्य शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होकर पूर्वान्ह 11ः35 बजे निरीक्षण भवन लो.नि.वि. बहराइच पहुचंकर सुविधानुसार स्थानीय भ्रमण तथा अवस्थान एवं रात्रि विश्राम करेगें।

सहकारिता मंत्री श्री वर्मा 11 व 12 अक्टूबर 2020 को सुविधा अनुसार स्थानीय भ्रमण तथा अवस्थान एवं रात्रि विश्राम के उपरान्त 12 अक्टूबर 2020 को अपरान्ह 04ः00 बजे लखनऊ के लिए प्रस्थान करेगें। उल्लेखनीय है कि श्री वर्मा 09 अक्टूबर को अपरान्ह 04ः30 बजे ग्राम तपेसिपाह घाघरा घाट रेलवे स्टेशन के निकट बाबा बावन कुटिया पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने के पश्चात् अपरान्ह 05ः15 बजे ग्राम डढ़ैला में स्व पंकज वर्मा के आवास पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त करने के उपरान्त सांय 06ः10 बजे निरीक्षण भवन लो.नि.वि. बहराइच पहुचंकर अवस्थान एवं रात्रि विश्राम करेगें। यह जानकारी प्रभारी अधिकारी वीआईपी नगर मजिस्ट्रेट जय प्रकाश ने दी है।

ःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःः

जनपद के 08 अलग-अलग स्थान घोषित किये गये कन्टेनमेन्ट ज़ोन  

बहराइच 09 अक्टूबर। जनपद के तहसील पयागपुर अन्तर्गत ग्राम डोल कुॅआ बिन्द्रा, तहसील कैसरगंज अन्तर्गत ग्राम गजाधरपुर, तहसील महसी अन्तर्गत ग्राम महराजगंज, तहसील नानपारा अन्तर्गत मोहल्ला बाल्मीकि टोला, ग्राम बसहरी व ग्राम मोहरबा एवं तहसील मिहीपुरवा (मोतीपुर) अन्तर्गत ग्राम खड़िया में 01-01 व्यक्ति तथा तहसील मिहीपुरवा (मोतीपुर) के ग्राम नैनिहा 54 नम्बर में एक से अधिक व्यक्ति पीड़ित/संक्रमित पाये जाने के फलस्वरूप जिला मजिस्ट्रेट द्वारा सम्बन्धित क्षेत्र को कन्टेनमेन्ट ज़ोन घोषित करते हुए तत्काल प्रभाव से कोविड-19 के फैलाव को रोकने एवं बचाव व नियंत्रण किये जाने के उद्देश्य से सम्बन्धित क्षेत्रों तथा उसके आस-पास के क्षेत्र को निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार अग्रिम आदेश तक अस्थायी रूप से सील किये जाने एवं सम्पूर्ण क्षेत्र में प्रवेश एवं निकास तथा वाहनों के संचालन को अपरिहार्य स्थिति को छोड़कर प्रतिबन्धित किये जाने के आदेश जारी किये गये हैं।

उक्त अवधि में निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार सम्बन्धित ग्राम/मोहल्लों में रहने वाले समस्त व्यक्ति अपने-अपने घरों (इन्डोर) में ही रहेंगे। इस आदेश का उल्लंघन उपरोक्त अधिसूचना के प्रस्तर-15 में प्रदत्त व्यवस्था के अनुसार भा.द.सं. की धारा-188 के अधीन दण्डनीय अपराध माना जायेगा। गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी कन्सालीडेटेड गाईड लाइन्स के क्रम में मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन के आदेश दिनांक 08 अक्टूबर 2020 के अपरान्ह से अनुपालन में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा कन्टेनमेन्ट ज़ोन के लिए नोडल अधिकारी/सहायक नोडल अधिकारी तथा नोडल पुलिस अधिकारी व सहायक नोडल पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गयी है। कोविड-19 के संक्रमण के एकल प्रकरण वाले शहरी क्षेत्र में 100 मीटर अथवा पूरा मोहल्ला, जो भी कम हो कन्टेनमेन्ट ज़ोन होगा तथा ग्रामीण क्षेत्र में राजस्व गांव का सम्बन्धित मजरा कन्टेनमेन्ट ज़ोन होगा।

कन्टेनमेन्ट ज़ोन क्षेत्रों के अन्दर एवं बाहर किसी भी व्यक्ति, वाहन इत्यादि को आवागमन की अनुमति नहीं होगी, सिवाय ऐसी स्थिति के जो चिकित्सीय आपातकालीन स्थिति और आवश्यक वस्तुओं/सेवाओं की आपूर्ति से सम्बन्धित हों। कन्टेनमेन्ट ज़ोन में अन्तिम धनात्मक रोगी के सैम्पल कलेक्शन की तिथि से 14 दिनों तक सम्बन्धित क्षेत्र कन्टेनमेन्ट ज़ोन बना रहेगा। यदि उक्त तिथि के 14 दिन उपरान्त तक सम्बन्धित क्षेत्रों में कोई अन्य केस नहीं पाया जाता है तो कन्टेनमेन्ट ज़ोन को सूची से विमुक्त कर दिया जायेगा।

जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नामित मजिट्रेटों/पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कोविड-19 के फैलाव को रोकने एवं बचाव व नियंत्रण के दृष्टिगत कन्टेनमेन्ट ज़ोन की बैरीकेटिंग कराते हुए शासन द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुरूप सुरक्षात्मक प्रोटोकाल एवं सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से अनुपालन कराना सुनिश्चित करेंगे। इस आदेश का उल्लंघन पाये जाने पर डिजास्टर मैनेजमेन्ट एक्ट, 2005 की धारा-51 से 60 तथा भारतीय दण्ड विधान की धारा-188 में दिये गये प्राविधानों के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी।

ःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःः

राज्य सफाई कर्मचारी आयोग उ.प्र. के सदस्य का आगमन आज

बहराइच 09 अक्टूबर। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग उ.प्र. के सदस्य श्री श्याम लाल बाल्मीकि प्रस्तावित जनपद भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार 10 अक्टूबर 2020 को अपरान्ह 02ः00 बजे निरीक्षण भवन लो.नि.वि. बहराइच पहुचंकर सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से वार्ता करेंगे तथा अपरान्ह 03ः00 बजे बाल्मीकि बस्ती खत्रीपुरा का निरीक्षण कर रात्रि विश्राम निरीक्षण भवन लो.नि.वि. बहराइच में करेंगे।

श्री बाल्मीकि 11 अक्टूबर 2020 को पूर्वान्ह 11ः10 बजे इकौना के लिए प्रस्थान करेंगे। श्री बाल्मीकि अपरान्ह 03ः30 बजे पुनः निरीक्षण भवन लो.नि.वि. बहराइच पहुंचकर 04ः00 बजे जिला पंचायत की डेªट यूनियन के प्रतिनिधियों से वार्ता तथा रात्रि विश्राम निरीक्षण भवन में करेंगे। श्री बाल्मीकि 12 अक्टूबर 2020 को पूर्वान्ह 10ः00 बजे लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे। यह जानकारी प्रभारी अधिकारी वीआईपी नगर मजिस्ट्रेट जय प्रकाश ने दी है।

  ःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःः


इन सीटू फसल अवशेष प्रबंधन योजना के सम्बंध में किसानों को दी गयी जानकारी

बहराइच 09 अक्टूबर। कृषि विज्ञान केंद्र में इन सीटू फसल अवशेष प्रबंधन योजना के अंतर्गत फसल अवशेष प्रबंधन पर किसानों को जागरूक किया गया। जिसमें कृषि विज्ञान केंद्र बहराइच के प्रभारी डॉक्टर एमपी सिंह ने फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में विस्तार से कृषकों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फसल कटाई के उपरांत पराली तथा अन्य फसल अवशेषों को जलाएं नहीं इससे जमीन की उर्वरता नष्ट होती है जिससे दीर्घ काल तक कृषि करना संभव नहीं होगा। फसल अवशेष जलाने से भूमि में प्राकृतिक रूप से मिलने वाले पोषक तत्व नस्ट हो जाते है और भूमि अनुपजाऊ हो जाती है।

उन्होनें बताया कि वातावरण में प्रदूषण होने के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं। ठंड के मौसम में धुआं और कोहरा मिलकर धुंध पैदा करते है, जिससे दुर्घटनाएं अधिक होती है। एक टन धान के फसल अवशेष जलाने से 92 किलोग्राम कार्बन मोनोऑक्साइड, सोलह सौ किलो ग्राम कार्बन डाइऑक्साइड, 200 किलोग्राम राख एवं 0.4 किलोग्राम सल्फर डाइऑक्साइड अवमुक्त होता है। इन गैसों के कारण सामान्य वायु की गुणवत्ता में कमी आने से आंखों में जलन एवं त्वचा रोग तथा सूक्ष्म कणों के कारण हृदय एवं फेफड़े की बीमारी होने की संभावना रहती है।

फसल अवशेषों को जलाने से मृदा ताप में बढ़ोतरी होती है जिसके कारण विपरीत प्रभाव पड़ता है। फसल अवशेषों को जलाने से उनके जड़ तना पत्तियों में सिंचित लाभदायक पोषक तत्व नष्ट हो जाते है। इसके साथ ही फसल अवशेषों में लाभदायक मित्र भी जलकर मर जाते हैं जिसके कारण वातावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। पशुओं के चारे की व्यवस्था पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है फसल अवशेष जलाने पर अगल-बगल के खेतों में आग लगने की संभावना एवं खड़ी फसल अथवा आबादी में अग्निकांड होने की संभावना बनी रहती है। कृषि विज्ञान केंद्र बहराइच में इन सीटू परियोजना के अंतर्

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ