श्रीमान महाप्रबंधक"
पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर 12 सितंबर 23
"महोदय"
"रेल 142 करोड़ लोगों की संपत्ति है'
15 सितंबर महाप्रबंधक कार्यालय NER पर 11 am पर सत्याग्रह, 3:00 महाप्रबंधक महोदय को ज्ञापन"
लोगों की पैसेंजर गाड़ियां क्यों बंद की गईं? पुरानी मेल एक्सप्रेस "स्पेशल गाड़ियों' में क्यों बदल दी? किराए में वृद्धि क्यों? स्लीपर की 50% कोचेज AC कोच में क्यों बदल दी? इसमें लोग कहां है?
स्वतंत्रता दिवस 2023 पर महाप्रबंधक 'पूउरे गोरखपुर को प्रेषित पत्र मे हमने बंद पैसेंजर एवं एक्सप्रेस गाड़ियों को पुराने किराए पर चलाने, मेल गाड़ियों से हटाए गए 50% स्लीपर कोचेज को पुन:लगाने, प्रतिदिन दो किराया मुक्त नई AC गाड़ियां"कुशीनगर गणतंत्र एक्सप्रेस' गोरखपुर से दिल्ली, एवं "पंडित राम प्रसाद बिस्मिल शहिद एक्सप्रेस" गोरखपुर से मुंबई,चलाने की मांग की थी। हमने निवेदन किया था कि रेलवे का रत्ती"भर निजीकरण संविधान की मूल मंशा के प्रतिकूल है क्योंकि प्रिंबल ऑफ़ कॉन्स्टिट्यूशन"में समाजवादी"शब्द का उल्लेख है "निजी"शब्द का नहीं है। NER के जितने भाग का निजीकरण किया गया है उसका पुनःसार्वजनीकरण करें। NER में खाली पद भर दी जाँय।
पैसेंजर गाड़ियों को बंद कर तंग हाल गरीब लोगों का संचार उनसे क्यों छीना गया ? मेल गाड़ियों से स्लीपर की 50% कोचेज कम करने से स्लीपर कोचेज"भूसे की बोरी बन गईं। पूउरे,ने ऐसा क्यों किया? इस पर विचार क्यों नहीं किया कि जिन्होंने रेल की पटरिया बिछाई, रेल खड़ा की वे ट्रेनों में कैसे जाएंगे? कहां बैठेगे?
महोदय से निवेदन है कि उक्त मानवीय एवं संवैधानिक"मांगे मान लीजिए। हम प्रार्थी गण 15 को पुनः एक ज्ञापन देंगे।
प्रति:- रेल मंत्री सीआरबी सीसीएस NER सीपीआरओ NER CRकमिश्नर डीएम एसएसपी एसपी सिटी गोरखपुर
संपूर्णानंद'आनंद शर्मा' अरविंद अमित कुमार विजय शंकर और अन्य
83820 18603 , 73981 17571 9415418263
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