जीवन एवं मानवता की रक्षा गेहूं आटा चावल दाल तेल चीनी दवा पर जीएसटी 'जीवन एवं जीने के मौलिक अधिकार अनु 21 की हत्या है, इसके बिना जीवन असंभव है

             "माननीय वित्त मंत्री माननीय भूतल परिवहन मंत्री 
  माननीय वित्त राज्य मंत्री"
   भारत सरकार
                                        ज्ञापन द्वारा
 श्रीमान  जिलाधिकारी"
       गोरखपुर
बेरोजगारी' गरीबी' महंगाई' तीन ऐसी समस्याएं हैं जो जीवन' मानवता'एवं संविधान कमजोर कर रही है। तीनों समस्याएं सरकार ने पैदा की है "टैक्स की ऊंची दर" एवं सामान की ऊंची कीमत"के कारण देश में महंगाई की आग लगी है यदि हम कर की दर' एवं डीजल'पेट्रोल' सीएनजी' घरेलू गैस की कीमत कम कर दें तो महंगाई मर जाएगी,यदि शिक्षा'चिकित्सा जनसंचार'फ्री कर दें तो "कंगाल एवं कुपोषित"भी धनी लोगों की तरह जीवन की ज़रूरतें हासिल कर लेगें।

 ★जीवन एवं मानवता की रक्षा गेहूं आटा चावल दाल तेल चीनी दवा पर जीएसटी 'जीवन एवं जीने के मौलिक अधिकार अनु 21 की हत्या है, इसके बिना जीवन असंभव है खाना खाकर जीने वाली मनुष्य जाति  इन सामानों  पर टैक्स कैसे लगा सकती? वह भी उस मुल्क में जिसके 80 करोड लोग 5 kg अनाज में जीवन तलाश रहे हैं और 22 करोड़ कुपोषित है। उनके पास एक रुपए नहीं कि वे जीवन की ज़रूरतें खरीद सकें ?अमानवीय कर'।इन ह्यूमन'क्रूर' कर'।142 करोड लोगों 545, 243 सांसद में किसने जीवन पर  टैक्स लगाने की मांग की?इसे समाप्त करें। जीएसटी उत्पादन का 1/6 भाग करें क्योंकि भारत में'हिंदू रेट ऑफ़ टैक्स यही था'। 28% जीएसटी लगाने का औचित्य क्या है?
★निजी गाड़ियों पर टोल टैक्स समाप्त करें क्योंकि यह "कहीं आने जाने की स्वतंत्रता"के मौलिक अधिकार, 19 d, की हत्या है यह हमारी उस नैसर्गिक अधिकार की हत्या है जो हमें मां से हासिल है इस पर टैक्स क्यों लगाया? हमारे पैरों में टैक्स रूपी जंजीर क्यों डाली? जब राष्ट्रपति प्रधानमंत्री सांसद विधायक सहित तीन दर्जन से अधिक VIP टोल टैक्स नहीं देते फिर लोगों की गाड़ियों पर टोल टैक्स क्यों? यह समानता के मौलिक अधिकार 14 -18 की हत्या भी है, वहाँ VIPआधार पर टैक्स में छूट का उल्लेख नहीं है। इसे समाप्त करें या कम से कम इतना करें कि प्रत्येक टोल पर दोनों तरफ एक-एक फ्री लेन कर दें ताकि जिनके पास पैसे न हो वे कहीं आने-जाने के मौलिक अधिकार से वंचित न रह जाँय
★एक समान'फ्री शिक्षा'फ्री चिकित्सा'फ्री जनसंचार'करें ताकि 80 करोड़ गरीब एवं 22 करोड़ कुपोषित जिनके पास एक पैसे नहीं  है कि वे जीवन की उक्त जरूरतें हासिल कर सके।उक्त जरूरी चीज महंगी दरों पर बाजार में बेची जा रही है जिसे अमीर तो हासिल कर ले रहा है परंतु गरीब वंचित है। मैं केवल इतना ही चाहता हूं कि मेरे भी बच्चे उसी दून और डी पी एस में पढे उनका इलाज भी मेदांता एवं अपोलो में हो जिसमें धनी एवं वीआईपी लोगों का होता है मुझे केवल संविधान चाहिए इससे अधिक कुछ नहीं।
★डीजल पेट्रोल सीएनजी घरेलू गैस सिलेंडर क्रमशः 62 रु प्रति ली 73, 64, ,594 प्रति सिलेंडर करें (कोरोना के पूर्व)  ताकि महंगाई मर जाए भरवाही गाड़ियों पर टोल टैक्स ₹1/KM करें ताकि महंगाई की आग बुझ जाए एक टोल पर 500 से ₹900 प्रति टोल टैक्स वसूलना'खुली एवं बेशर्म लूट"है। यह पथकर के सिद्धांत की हत्याभी है क्योंकि पथकर हमेशा "रिड्यूजिंग रेट"'घटते दर'में लगता है। इसे बढ़ाया ही नहीं जा सकता। 

हम चाहते हैं  भगत सिंह सुखदेव राजगुरु की शहादत दिवस से पूर्व आटा चावल गेहूं दाल तेल चीनी दवा पर जीएसटी समाप्त कर दें एक समान फ्री शिक्षा फ्री चिकित्सा फ्री जनसंचार करें निजी गाड़ियों पर टोल टैक्स समाप्त कर दें ।23 मार्च संसद भवन पर सरकार की आर्बिट्रेरी ऑर्डर्स' को उसी ढंग से तोडूंगा जैसे गांधी ने क्रूर' लुटेरे फिरंगियों के नमक कानून को थोड़ा था।

प्रति:--  श्रीमान सचिव' वित्त सचिव' भूतल परिवहन मंत्रालय भारत सरकार 
श्रीमान आयुक्त" जिलाधिकारी "गोरखपुर 
श्रीमान एडीजी डीआईजी एसएसपी गोरखपुर

डॉ संपूर्णानंद मल्ल      पूर्वांचल गांधी       सत्यपथ
बैचलर ऑफ़ इकॉनॉमिक्स' गोरखपुर यूनिवर्सिटी''पीएचडी इन हिस्ट्री हिस्ट्री' देलही यूनिवर्सिटी  
9415418263  email snm.190907@yahoo.co.in
किसी गिरोह बंद दल का दलाल नहीं हूं

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