राजधानी लखनऊ में ,एक कॉलोनी की सड़क पर आए दिन यह मंजर देखने को मिलता है,मारे समाज में ही ऐसे जाहिल लोग भी रहते हैं जो सड़क के किनारे गाड़ी खड़ी करते हैं । दूसरी साइड मोरंग पड़ी है खंभा लगा है ।अब आप निकलेंगे कैसे और अगर इस गाड़ी को नुकसान होता है तो पूरे का पूरा पुलिस महकबा आपके पीछे हाथ धोकर पड़ जाएगा और इस पर एक्शन लेने की बात हो तो इनके हाथ खाली होंगे सुन्न होगा पूरा दिमाग.....
आप पुलिस में शिकायत करते हैं तो वह कहते हैं हमारे पास ना चालान करने की औकात है ना हमारे पास क्रेन है और ना हम कुछ कर सकते हैं। यह नगर निगम का काम है नगर निगम कहता है यह पुलिस का काम है अब इसके बाद आप इस गाड़ी वाले से भिड़ जाइए फिर फोन आएगा मुकदमा दर्ज करा दिया है चौकी पर आएये।
इस तरह के मामले में गाड़ी मालिक और उसकी बीवी बंटी बबली की तरह पक्के चतुर होते हैं और लड़ने में ऑल राउंडर
यही बहुत ही खतरनाक दिमाग का व्यक्ति है टॉप का बॉडीबिल्डर है और जिम ट्रेनर अब आप समझ लीजिए जिम ट्रेनरों के लिए कितना कठिन है पुलिस को कार्रवाई करना।
संजय गांधीपुरम फैजाबाद रोड नियर त्रि शक्ति धाम मंदिर गाजीपुर थाने का मामला है, इस सड़क से रोज निकलते हैं कई सरकारी अधिकारी व कर्मचारी, एवं राज्य मुख्यालय से मान्यता प्राप्त पत्रकार ... गाड़ी मालिक का खौफ इतना की लिखित शिकायत करने से कतराते हैं..??? कृपया उच्चअधिकारी स्वत: संज्ञान लें!
0 टिप्पणियाँ