सीरत वेलफेयर कमेटी ने खामनेई की शहादत पर व्यक्त किया शोक

 ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैयद अली खामनेई की मौत से मुसलमान और मानवतावादी लोग हैं दुखी
बहराइच। सामाजिक संगठन सीरत वेलफेयर कमेटी (रजि०) की एक आपात बैठक शहर के मोहल्ला काजीपुरा स्थित मिल्ली काम्पलेक्स सभागार में संगठन के उपाध्यक्ष मिर्जा शकील बेग की अध्यक्षता एवं मुतवल्ली ईदगाह इशरत महमूद खान की सरपरस्ती में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैयद अली खामनेई की इजरायली हमले में हुई मौत पर उन्हें श्रद्धांजलि पेश कर संवेदनाएं व्यक्त की‌ गई।
इस सभा का शुभारंभ मौलाना शाहिद अख्तर के कुरान पाठ से हुआ।इसके बाद मुतवल्ली ईदगाह इशरत महमूद खान ने अपने संबोधन में कहा कि ईरान के मजहबी रहनुमा अयातुल्लाह अली खामनेई जुल्म के खिलाफ और मिल्लत के इत्तेहाद के लिए लड़ते हुए शहीद हुए हैं,उन्हें इतिहास में सदियों याद रखा जाएगा।मौलाना अकील उल्लाह शाहिद नदवी ने कहा कि खामनेई साहब जालिमों के सामने झुके नहीं बल्कि शहादत हासिल कर पूरी दुनिया को जो पैगाम दिया है उसे हमेशा याद रखा जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे मिर्जा शकील बेग ने शहीद खामनेई साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूरी दुनिया में अमेरिका व इजरायल की तानाशाही के साथ ही खामनेई साहब की मौत पर रंजो गम है।उन्होंने कहा कि 86 बरस के बुजुर्ग ने बगैर डरे जिस तरह मुकाबला करते हुए शहादत पाई है वह इतिहास में दर्ज होगा‌।इस अवसर पर संगठन के सचिव शादाब हुसैन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि खामनेई साहब की मौत से पूरी दुनिया के मुसलमान और मानवतावादी लोग दुखी हैं‌।

उन्होंने हमेशा शांति-भाईचारा एवं फिलिस्तीनियों के पक्ष में सुपर पावर अमेरिका व इजराइल जैसे जालिमों के मुकाबले मुजाहिदाना किरदार अदा करते हुए अपनी व अपने परिवार की कुर्बानी देकर इस्लाम को शर्मिंदा नहीं होने दिया बल्कि शहीद होना पसंद किया। अंत में भारत के प्रधानमंत्री का अत्याचारी देशों के समर्थन में रहने तथा देश के बड़े मुस्लिम संगठनों व धार्मिक गुरुओं की खामोशी की निंदा की गई।इस बैठक में हाजी आसिफ आलम खान ( संरक्षक),डॉ० अजीमुल्ला खान( कोषाध्यक्ष),मोहम्मद अकरम एडवोकेट, मिर्जा शकील बेग, मौलाना मुजीब कासमी,डॉ० अबरार उल हक, शादाब अंसारी, वली मोहम्मद व रियाज अहमद एडवोकेट आदि मौजूद रहे। सभा का समापन मौलाना शाहिद अख्तर चांद की दुआ से हुआ।