मथुरा/हाथरस। होली का त्योहार मथुरा के एक परिवार के लिए गहरे मातम में बदल गया। हाथरस जिले के सादाबाद कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे में एनएसजी कमांडो की दर्दनाक मौत हो गई जबकि उनके तीन दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी युवक मथुरा से हाथरस में दोस्त के घर होली खेलने गए थे और सुबह वापस लौटते समय हादसा हो गया।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे राया मार्ग पर गांव पल्हावत के मंदिर के पास तेज रफ्तार थार कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े नीम के पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई।
बताया गया है कि मथुरा के राया क्षेत्र निवासी 32 वर्षीय योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा पुत्र बीरबल सिंह अपने तीन दोस्तों विष्णु कुमार पुत्र श्यामवीर सिंह सत्यवीर सिंह पुत्र रामचरण सिंह और जीतू पुत्र छीतर सिंह के साथ थार गाड़ी से हाथरस में अपने दोस्त के घर होली खेलने आए थे। गुरुवार शाम सभी ने साथ में होली मनाई और शुक्रवार तड़के वापस मथुरा लौटने के लिए निकले थे। कार योगेंद्र सिंह ही चला रहे थे। रास्ते में सादाबाद क्षेत्र में अचानक कार अनियंत्रित हो गई और पेड़ से जा टकराई।
हादसे की सूचना मिलते ही ऊंचागांव चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सादाबाद सीएचसी पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को गंभीर हालत में आगरा रेफर कर दिया। आगरा पहुंचने पर परिजनों ने योगेंद्र सिंह को मिलिट्री हॉस्पिटल मथुरा में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। बाकी तीनों युवकों की हालत गंभीर बनी हुई है।
परिजनों के अनुसार योगेंद्र सिंह वर्ष 2010 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में उनकी तैनाती राजस्थान के अलवर में थी। वह करीब 25 दिन पहले छुट्टी लेकर घर आए थे। परिवार में माता पिता पत्नी एकता सिंह के अलावा तीन साल की बेटी और एक साल का बेटा है। परिजनों ने बताया कि 31 मार्च 2026 को उनकी सेवा के 15 वर्ष पूरे होने वाले थे और इसके बाद वह स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने की योजना बना रहे थे लेकिन उससे पहले ही यह दुखद हादसा हो गया।
बताया गया कि उनके साथ मौजूद दोस्त विष्णु कुमार भारतीय नौसेना में तैनात हैं और उनकी पोस्टिंग विशाखापत्तनम में है जबकि सत्यवीर और जीतू मथुरा में ही रहते हैं। होली के मौके पर सभी दोस्त एकत्र हुए थे और हाथरस में रहने वाले मित्र से मिलने का कार्यक्रम बना लिया था।
सीओ सादाबाद ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोतवाली में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। घायलों को उनके परिजन मथुरा ले गए थे जहां इलाज के दौरान योगेंद्र सिंह की मौत हो गई। शिकायत मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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