बजट पर लगी मुहर, लेकिन सवाल बरकरार! पानी संकट, सफाई और अधूरे कामों पर पार्षदों ने घेरा निगम
झांसी नगर निगम के सदन में मूल बजट वर्ष 2026-27 को लेकर आयोजित बैठक में लगभग 4 अरब 90 करोड़ 62 लाख रुपये के बजट को सदस्यों की सहमति से पारित कर दिया गया। महापौर बिहारी लाल आर्य की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शहर के विकास, सफाई व्यवस्था, पानी की समस्या और अधूरे पड़े कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक की शुरुआत ही शहर में बढ़ती पानी की समस्या से हुई। सदर विधायक रवि शर्मा ने अमृत योजना के तहत हर घर पानी पहुंचाने की प्रगति पर सवाल उठाए। कई पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में पानी न पहुंचने और लोगों पर बिल का बोझ बढ़ने की शिकायत की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन नहीं पहुंची है, वहां जल्द काम पूरा किया जाएगा और बिलों में आवश्यक संशोधन किया जाएगा।
सफाई व्यवस्था को लेकर भी सदन में तीखी बहस हुई। पार्षदों ने कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाते हुए नई भर्ती की मांग की, जिस पर 350 से 500 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की भर्ती का प्रस्ताव रखा गया और सहमति बनी। साथ ही शहर में अधूरे पड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने और नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं और नगर निगम की आय बढ़ाने पर भी फोकस किया जा रहा है। वहीं महापौर ने साफ कहा कि झांसी को प्रदेश और देश में नंबर वन बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
बैठक के दौरान मार्ग प्रकाश, नालों की सफाई, बाजारों की समस्याएं और मूर्ति स्थापना जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कई प्रस्तावों पर सहमति बनी, जबकि कुछ मामलों में आगे की प्रक्रिया तय की गई। कुल मिलाकर बजट पास होने के साथ ही शहर के विकास को नई दिशा देने की बात कही गई, लेकिन जमीनी समस्याओं को लेकर सवाल अभी भी कायम हैं।
0 टिप्पणियाँ