संवाददाता आलोक तिवारी
मथुरा । जनपद मथुरा में आज शनिवार को जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विकास कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। इस विधिक अभियान का विधिवत शुभारंभ जनपद न्यायाधीश द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी राजेश चौधरी, परिवार न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश सुश्री प्रीति श्रीवास्तव और नोडल अधिकारी अरविन्द कुमार यादव सहित जनपद के समस्त न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
लोक अदालत की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिला मुख्यालय, कलेक्ट्रेट और तहसील स्तर पर कुल 3,15,031 वाद निस्तारण हेतु रखे गए थे, जिनमें से रिकॉर्ड 2,39,888 वादों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। व्यक्तिगत योगदान के रूप में जनपद न्यायाधीश श्री विकास कुमार ने स्वयं 01 फौजदारी और 21 सिविल मामलों का निपटारा किया। विशेष रूप से मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण द्वारा 63 मामलों में पीड़ितों को 8.22 करोड़ रुपये से अधिक की प्रतिकर राशि दिलाने के आदेश दिए गए। वहीं पारिवारिक न्यायालयों में आपसी सहमति से वैवाहिक विवादों को सुलझाया गया और फौजदारी न्यायालयों ने हजारों मामलों का निस्तारण कर लाखों रुपये का अर्थदण्ड वसूला।
वित्तीय मामलों में भी बड़ी राहत देखने को मिली, जहाँ चेक बाउंस से जुड़े 48 मामलों में लगभग 1.96 करोड़ रुपये के भुगतान के आदेश हुए। बैंकों और मोबाइल कंपनियों के प्री-लिटीगेशन स्टॉलों पर जनपद न्यायाधीश ने स्वयं जाकर वादकारियों की समस्याओं को सुना और अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश दिए, जिसके परिणामस्वरूप करोड़ों रुपये की रिकवरी सुनिश्चित हुई। इसके अतिरिक्त बिजली चोरी, उपभोक्ता फोरम और राजस्व से जुड़े लाखों लंबित प्रकरणों का भी निस्तारण किया गया।
इस आयोजन का एक विशेष आकर्षण जिला कारागार मथुरा के बंदियों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी रही। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार न्यायालय परिसर में स्टॉल लगाई गई, जहाँ बंदियों द्वारा तैयार ठाकुर जी की पोशाकें, हथकरघा की साड़ियाँ, गमछे और एल.ई.डी. बल्ब जैसे उत्पादों की भारी बिक्री हुई। कार्यक्रम का सफल संचालन असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री लक्ष्मीकान्त शर्मा ने किया और अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती अनीता सिंह ने सभी न्यायिक सहयोगियों, अधिवक्ताओं और वादकारियों का आभार प्रकट करते हुए लोक अदालत के उद्देश्यों की सफलता पर हर्ष व्यक्त किया।
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