मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर में भीषण बाढ़ का खतरा। कुशीनगर, देवरिया, गोण्डा, बहराइच तथा बाराबंकी सहित 76 तटबंध अतिसंवेदनशील-अजय कुमार लल्लू

 मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर में भीषण बाढ़ का खतरा। कुशीनगर, देवरिया, गोण्डा, बहराइच तथा बाराबंकी सहित 76 तटबंध  अतिसंवेदनशील-अजय कुमार लल्लू

*सरकार की असंवेदनशील साफ, तटबंध निर्माण व मरम्मत के लिए प्रस्तावित राशि का आधा भी नहीं दी सरकार: अजय कुमार लल्लू*

*कोरोना के कहर के बीच उत्तर प्रदेश बाढ़ की चपेट में, लाखों हेक्टेयर फसले बर्बाद- अजय कुमार लल्लू*

*बाढ़ स्थायी संचालन समिति की बैठक में 3000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव, लेकिन योगी सरकार ने मात्र 1300 करोड़ रुपया की स्वीकृति दी*

*बाढ़ में फंसे लोगों के लिये आवागमन की कोई सुविधा नही, भोजन की समस्या से जूझ रहे हैं पीड़ित*


*मुख्यमंत्री गैर-जिम्मेदार।बाढ चौकियां बनाने की जगह नदियों की पूजा का रच रहे है स्वांग-अजय कुमार लल्लू*


*कांग्रेस की मांग- बाढ़ नियंत्रण के लिये सरकार बनाये ठोस एक्शन प्लान, बाढ़-राहत पैकेज का करें ऐलान*


लखनऊ, 14 जुलाई।*
प्रदेश कांग्रेस ने भारी बारिश के चलते आयी बाढ़ से हुये नुकसान और प्रदेश सरकार पर बाढ़-रोकथाम के प्रति उदासीनता का आरोप लगाते हुये कहा कि बारिश के चलते उत्तर प्रदेश की कई नदियों में जल स्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया। कई तटबंध टूटने के कगार पर। सैकड़ो गांव जलमग्न हो गये है, हजारो एकड़ फसले बर्बाद हो गयी है। मवेशी संकट में है। लेकिन सरकार ने अभी तक बाढ़ की रोकथाम के लिये कोई ठोस एक्शन प्लान नही बनाया। उन्होंने कहा कि *76 बंधे अति संवेदनशील हैं*। बाढ़ स्थायी संचालन समिति की बैठक में *3000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव सिंचाई विभाग ने रखा लेकिन योगी सरकार ने मात्र 1300 करोड़ रुपया की स्वीकृति किया।* 

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह सरकार की असंवेदनशील रैवया का परिणाम है कि पिछले तीन सालों में सबसे अधिक बंधे टूटे हैं। चरसरी, एपी बंधा कुशीनगर, बाराबंकी के बंधे टूटे हुए हैं। 

जारी प्रेस नोट में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि कोरोना के कहर के बीच बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। लगातार बारिश होने से पूरा प्रदेश बाढ़ की चपेट में है। जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गोरखपुर,बस्ती, महराजगंज, कुशीनगर, बहराइच, गोण्डा, बाराबंकी, बनारस व  फैजाबाद जिलों के सैकड़ो गांव जलमग्न हो गये है। किसानों की हजारो एकड़ की फसले बर्बाद हो गयी है। मवेशियों को चारा का संकट है। बाढ़ में फंसे लोगो के लिये आवागमन की कोई सुविधा नही मिल पायी है। पीड़ित परिवार भोजन की समस्या से जूझ रहे है। सरकार ने अभी तक कही भी खाद्यान्न वितरित नही किया।

उन्होंने आगे कहा कि बूढ़ी गंडक, मवने नाले, घाघरा, सरयू तथा राप्ती नदी में बने कई तटबंध पहले से ही जर्जर अवस्था मे है। बाढ़ का संकट बढ़ने से बाराबंकी में सरसवां तटबंध, कुशीनगर का अमवा खास सहित  कई तटबंध टूटने के कगार पर है। *उन्होंने खुद ही अपनी विधानसभा तमकुहीराज के जर्जर तटबंधों की मरम्मत के लिये विधानसभा में मांग उठायी लेकिन सरकार ने अभी तक सुध नही लिया। क्या सरकार भीषण बाढ़-संकट का इंतजार कर रही है?*

श्री लल्लू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गैर-जिम्मेदार बताते हुये कहा कि इस संकट की घड़ी में जहाँ बाढ़-परियोजनाओं के लिये धन आवंटित करने की जरूरत है,  बाढ़-ग्रस्त इलाको में बाढ़-चौकियां बनाने की जरूरत है, बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत पैकेज देने की जरूरत है वही प्रदेश सरकार द्वारा नदियों की पूजा कर बाढ़ रोकने  का तरीका हास्यास्पद है, मुख्यमंत्री स्वांग रच रहे है। नदियां माँ के समान है  लेकिन बाढ़ की रोकथाम न करना जिम्मेदारियों से भागना है।

श्री लल्लू ने आगे कहा कि पिछले साल बाढ़ से सैकड़ो मौते हुई थी, अभी तक सभी पीड़ित परिवारों को मुआवजा नही मिल पाया। बाढ़-राहत कोष मंत्रालय और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से जमकर बंदरबाट किया गया। उन्होंने प्रदेश सरकार को चेताते हुये कहा कि बाढ़ की विभीषका को गंभीरता से ले तथा बाढ़-रोकथाम के लिये ठोस एक्शन प्लान बनाये।

श्री लल्लू ने प्रदेश सरकार से त्वरित बाढ़ राहत पैकेज की मांग की है। *प्रदेश सरकार को  बाढ़ से हुये नुकसान, प्रभावित क्षेत्रों और नष्ट हुई फसलों का मूल्यांकन  कर पीड़ित जन-मानस को मुआवजा  का प्रबंध करना चाहिये।*
[7/14, 16:41] ashishawasthi: *Flood set to wreck most parts of Uttar Pradesh: Ajay Kumar Lallu*

*Fear of raging flood looms over CM district Gorakhpur: Ajay Kumar Lallu*

*76 embankments including those in Kushinagar, Deoria, Gonda, Bahraich and Barabanki quite sensitive: Ajay Kumar Lallu*

*Crops in lakhs of hectares of land destroyed due to floods: Ajay Kumar Lallu*
   
*Standing Committee on flood proposed to earmark Rs 3,000 crore but only Rs 1,300 crore approved: Ajay Kumar Lallu*

*The Government must immediately announce a relief package: Mr Ajay Kumar Lallu*

*Lucknow, 14 July, 2020, Lucknow:*  Uttar Pradesh is all doomed to pay a heavy price in the absence of any preparedness to manage floods in the state for which the insensible Yogi Government is responsible, said the UPCC on Tuesday.

From Gorakhpur to several other districts are faced with serious flood driven devastation as there is no preparedness on the part of Yogi Government in saving the people from the imminent calamity, said UPCC chief Mr Ajay Kumar Lallu.

In a statement, Mr Lallu said the State government was non-serious in initiating measures to control floods while several rivers in the State are flowing above the danger mark. *76 embankments* are on the verge of breaking. A number of villages are marooned. Standing crops in thousands of acres of have been destroyed. Animals are also facing extreme hardships. But the government has not yet made any plan to check the spread of floods. *76 embankments are highly sensitive*. The Standing Committee on Floods had the proposal of *Rs 3,000 crore for the Irrigation Department, but only Rs 1,300 crore was approved.*

The UPCC chief said that due to insensitivity of the government, most of embankments in the state have got damaged including those in Charsari, Kushinagar and Barabanki, but nothing has been done to repair them.

Mr Lallu said that the crisis of flood is worsening amid corona, which has wreaked havoc in the state. Due to constant rains, the entire state is in the grip of floods. Hundreds of villages in Gorakhpur, Basti, Maharajganj, Kushinagar, Bahraich, Gonda, Barabanki, Banaras and Faizabad are marooned. Flood hit people are on the verge of starvation. The government has not yet ensured the distribution of foods among them.

He further said that many embankments on Budhi Gandak, Ghaghra, Saryu and Rapti have in a dilapidated condition for long. Due to floods, Sarsanwa embankment in Barabanki, Aamwa Khaas embankment in Kushinagar and many other embankments are on the verge of collapse. *He had demanded the repair of embankments in his assembly segment Tamkuhi Raj, but in vain. Is the government waiting for massive floods to hit the state?*

Terming the Yogi Adityanath government as irresponsible, Mr Lallu said that in this hour of crisis, there is a need for funds, repairing embankments, building flood posts, announcing relief package for farmers, but the government is encouraging the people to worship rivers to save themselves from floods, which is ludicrous. The Chief Minister is misleading the people. Rivers are indeed like our mothers, but not making efforts to check floods amounts to running away from the responsibilities.

Mr Lallu said that last year hundreds of people lost their lives in floods, but their families have not yet got any compensation so far. The Flood Relief funds were not properly distributed. He urged the state government to take the menace of floods seriously.

Mr Lallu demanded the announcement of flood relief package without wasting any time. *He said the government should make immediate arrangements to assess the damage due to floods and the victims should be compensated immediately.*

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