सर्वोच्च न्यायालय" 2 सितंबर 2023
"जनहित याचिका:-'कुछ न्याय' हमारे साथ भी किया जाए'
हमें गरीबी पहले ही सता रही थी अब महंगाई मार रही है। हमें दाल नहीं मिलती हम रोटी पानी नमक खा रहे हैं। हमारी सब्जी पानी में पकती है।महंगी'एवं पैसे पर बाजार में बेची जा रही शिक्षा'चिकित्सा'जनसंचार' और न्याय से हम वंचित हैं क्योंकि हम 80 करोड लोगों के पास एक रुपए नहीं है। हमारे चारों तरफ नफरत एवं अराजकता फैली है। हम नहीं जानते डेमोक्रेसी क्या है? समानता का संविधान कहां है?
'भगत सिंह जयंती 27 सितं संसद पर आमरण अनशन'
"परम सम्माननीय न्यायालय"
"One time membership in legislature"
मेरे दर्जनों पत्रों का कोई जवाब नहीं,मानो भारत मे ब्रिटिश वायसरायलिटी हो।मैं कैसे महसूस करूं कि'लोकतंत्रात्मक गणतंत्र में जीता हूं। भगत सिंह जयंती 27 सितंबर संसद भवन पर करूंगा आमरण अनशन।
मैं बार-बार निवेदन कर रहा हूं' मुझे संविधान चाहिए न कम नअधिक। समानता' कब लागू होगी,जब हम अभाव में मर जाएंगे तब?
"परम सम्माननीय न्यायालय"
अब जबकि संसदीय चुनाव 6 माह रह गए हैं, ऐसे में
'वन नेशन' वन इलेक्शन' का स्लोगन भारतीय राजनीति में असमंजस'अफवाह'अराजकता'पैदा करेगा इससे लोग गुमराह होंगे राजनीति के प्रति लोगों में संशय पैदा होगा।यह
स्लोगन अन कंस्टीट्यूशनल'अन डेमोक्रेटिक'आर्बिट्रेरी'है।
चुनाव खर्च कम करने के विचार सच के कितना समीप है? इस बात से सिद्ध है कि पिछले दो संसदीय चुनाव अब तक के सबसे महंगे चुनाव हुए हैं।
"परम सम्माननीय न्यायालय"
India' that is bhart shall be a union of states'
विविधता में एकता' भारत की यूनिवर्सल आइडेंटिटी है। इंडिया' यानी भारत राज्यों का संघ है। इसमें 6.5 लाख गांव'हैं। 142 करोड लोग हैं। विभिन्न रिलिजन''विश्वासी' भाषा-भाषी अलग-अलग खान-पान''परिधान''के लोग रहते हैं।
"परम सम्माननीय न्यायालय"
यदि कानून बनाना ही है तो विधायिका की सदस्यता एक बार" वन टाइम मेंबरशिप" का कानून पारित कर लीजिए।
इसका परिणाम होगा:---
★भारत"लोकतंत्र स्थापना की ओर बढ़ेगा नई युवा शक्ति को लोकतंत्र में भागीदारी का मौका मिलेगा
★भारत से बेरोजगारी' गरीबी'विषमता'महंगाई' हिंदू मुस्लिम नफरत' जातीय जहर' चोरी' भ्रष्टाचार मिट जाएगा क्योंकि इन समस्याओं की उत्पत्ति विधायिका'कार्यपालिका' सदस्यों की शानो-शौकत विलासी जीवन एवं 'सत्ता भूख' के कारण हुई है।
"परम सम्माननीय न्यायालय"
भारत एक 'जीवंत राष्ट्र' है इसका एक लिखित जीवित संविधान'है।अनगिनत की फांसी'और कुर्बानी' के बाद हमें आजादी मिली है। वन इलेक्शन"का कानून यदि पास करना था तो इसे सदन में पहले ही लाना एवं विचार विमर्श करना चाहिये था। 6 माह बाद चुनाव है। यह तो डेमोक्रेसी' कॉन्स्टिट्यूशन' को शीशे की तरह चकनाचूर कर देगा ।
"परम सम्माननीय न्यायालय"
18 सितंबर से बुलाई जा रही संसद गरीबी' महंगाई'जैसे अपराध को समाप्त करें। महंगाई से लोग कुपोषित हो रहे है विकलांग हो रहे हैं' मर रहे हैं'।
★शिक्षा चिकित्सा जनसंचार और न्याय फ्री करें।
★एक समान विद्यालय' चिकित्सालय' ट्रेन'सुबिधा
★चावल आटा गेहूं दाल तेल चीनी दवा हवा पानी जीवन है इस पर GST जीवन के मौलिक अधिकार (अनु21) का वायलेशन है,और अपराध भी । इसे समाप्त करें। 142 करोड लोगों 545, 243 सांसदों में से किसी ने ऐसे कर की मांग नहीं की।
★निजी गाड़ियों पर टोल टैक्स समाप्त कर दीजिए जब राष्ट्रपति संसद विधायक सहित 38 VIP टोल टैक्स नहीं देते तब लोगों की जमीन' लोगों के टैक्स' लोगों के श्रम' से निर्मित सड़कों पर लोगों की गाड़ियों पर टोल टैक्स क्यों? VIP आधार पर टैक्स में छूट का उल्लेख 'समानता के मौलिक अधिकार (अनु14-18) में नहीं है।निजी गाड़ियों पर टोल टैक्स 'स्वतंत्रता पूर्वक कहीं आने-जाने के मौलिक अधिकार' (अनु19) का हनन है। जिस प्रकार पुराने जमाने में दबंग'डकैत'लुटेरे सड़कों पर टैक्स वसूल लेते थे उसी प्रकार सड़कों पर टोल टैक्स वसूला जा रहा है। भारी गाड़ियों पर टोल टैक्स ₹1/ KM/ करेँ। रु500-900 प्रति ट्रक, प्रति टोल, टोल टैक्स वसूलने का क्या मतलब है? इसे मैं डांका"न कहूं तो क्या कहूं? कोई बताएं जब इतना हैवी टोल टैक्स' लगा देंगे तो महंगाई कैसे रुकेगी? कौन रोकेगा? लगता ही नहीं यहां डेमोक्रेसी' रूल ऑफ़ लॉ एवं समता' निर्मित संविधान है।
★डीजल पेट्रोल सीएनजी घरेलू सिलेंडर क्रमशः₹ 60,71, 62 एवं 594 कर दें क्योंकि कोरोना से पूर्व यही रेट था। कोरोना में अर्थव्यवस्था टूट गई गरीबों की संख्या 36 करोड़ से 80 करोड़ हो गयी फिर सामान की कीमत क्यों बढ़ा दी?
★प्रत्येक गरीब वृद्धि( 60वर्ष)जो भूमिहीन 'है' बेरोजगार है' दैनिक मजदूर है' 1400 रुपए प्रतिमाह पेंशन दें।
★वकील पत्रकार को (65 वर्ष पूर्ण होने या उससे पूर्व मृत्यु) उतना ही पेंशन दें,जितना विधायिका के सदस्यों को दिया जाता है।
★मदिरा की मॉडल शॉप को दुग्ध की मॉडल शॉप में बदल दें ताकि नारी बलात्कार'हिंसा'विकलांगता दुर्घटना श्रम ह्रास' समाप्त हो जाय। शराब बिक्री से नई बलात्कार का सीधा रिश्ता है।
"परम सम्माननीय न्यायालय"
■पैसा कहां से आएगा:-- ट्रस्ट' रिलिजियस ट्रस्ट' पॉलिटिकल ट्रस्ट' राजनीतिक पार्टियों की संपत्ति' एवं संसाधन छीन ली जाए क्योंकि यह चोरी चंदा से इकट्ठा है
■कोरोना काल के दौरान पूंजीपतियों की कमाई या अर्जित संपत्ति में हुई वृद्धि तत्काल छीन ली जाए क्योंकि यह भारत के लूट का पैसा है।
■सांसदों विधायकों की 'निधियां'समाप्त कर दी जाए।
"परम सम्माननीय न्यायालय"
राष्ट्रपति"महोदया को प्रेषित दर्जनों पत्रों मे पहले ही निवेदन कर चुका हूं कि उक्त संवैधानिक एवं मानवीय मांगें महंगाई की आग लगने वाली सरकार स्वीकार कर कर ले अन्यथा भगत सिंह जयंती 27 सितंबर को संसद पर आमरण अनशन प्रारंभ करूंगा।। जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
कॉपी :-- सम्माननीय दिल्ली हाई कोर्ट इलाहाबाद हाई कोर्ट मानवाधिकार आयोग डिस्ट्रिक्ट कोर्ट गोरखपुर
याचिकाकर्ता
मैं,किसान पुत्र किसान हूं,जीवन बचाने के लिए 50 यूनिट स्वैच्छिक रक्त "गोरख ब्लड बैंक"को दिया हूं। 10 हज़ार पेड़ो का 'योगी गोरख उद्यान"लगाया हूं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के विख्यात इतिहास विभाग से पुरातत्व एवं इतिहास विषय में पीएचडी हूं दो हजार पुस्तकों की निजी "शांतिवन पुस्तकालय "में "हिंदू मुस्लिम यूनिटी",गरीबी उन्मूलन'पर शोधरत हूं। बिना अनुदान स्कॉलरशिप।
संपूर्णानंद मल्ल
सत्यपथ ps शाहपुर गोरखपुर
9415418263 snm.190907@yahoo.co.in
9415282102
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