जीएम NER ऑफिस पर 15 सितंबर 23 से सत्याग्रह प्रारंभ करूंगा और ज्ञापन दूंगा

14 सितंबर 2023
सेवा में 
श्रीमान जिलाधिकारी/ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
गोरखपुर  

जीएम NER ऑफिस पर 15 सितंबर 23 11:00 a.m से सत्याग्रह प्रारंभ करूंगा और 3:pm पर महोदय को ज्ञापन दूंगा। उक्त स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए।

संदर्भ:-
स्वतंत्रता दिवस पर GM सर को दो ज्ञापन दिया था। एक ज्ञापन इनके द्वारा अध्यक्ष रेलवे बोर्ड को संबोधित था जिसमें सर्व सेवा संघ राजघाट बनारस में गांधी" विनोबा"जे पी" के स्मारक पर बुलडोजर चलाने के विरुद्ध था और दूसरा निम्नलिखित विषयों से संबंधित है। 
मेरा आंदोलन किसी पदाधिकारी" के विरुद्ध नहीं है।मैं जीवन" राष्ट्र"एवं संविधान"की हिफाजत चाहता हूं। जिन ट्रेनों एवं कोचेज में 95 प्रतिशत यात्री यात्रा करते हैं उन्हें बंद करना उनके कोचेज को हटाकर 5% यात्रियों (अमीर एवं माननीय) की ट्रेनों में बदलना,किराए में वृद्धि करना। इसमें समानता का मौलिक अधिकार" लोकतंत्र" मानवता"कहीं कुछ भी है?

"महोदय"
गरीबों की संख्या 36 करोड़ से 80 करोड़ हो गई और गरीबों की पैसेंजर एवं पुरानी मेल एक्सप्रेस ट्रेन समाप्त कर दी या "स्पेशल गाड़ियों में बदलकर' किराया में वृद्धि कर दी?
मेल एक्सप्रेस गाड़ियों से स्लीपर के 50% कोचेज AC 3 में बदल दिए। लगता ही नहीं हम लोकतंत्र के हिस्सा है? यह लोकतांत्रिक मुल्क है,रेल 142 करोड लोगों की संपत्ति है और व्यवस्था किसी नियम कानून से चलती है। जब मन में आया रेल चलाया जब मन में आया बंद कर दिया जब मन में आया किराया बढ़ा दी ।
"महोदय"
95% यात्री जो इन गाड़ियों में यात्रा करते हैं।5 kg खैरात पर जीने वाले 80 करोड़ कंगाल जिनके पास ₹1 नहीं है वे कैसे यात्रा करेंगे? 
"महोदय"
स्वतंत्रता दिवस 2023 पर महाप्रबंधक 'पूउरे गोरखपुर को प्रेषित पत्र मे हमने बंद पैसेंजर एवं एक्सप्रेस गाड़ियों को पुराने किराए पर चलाने, मेल गाड़ियों से हटाए गए 50% स्लीपर कोचेज को पुन:लगाने का निवेदन किया था। 
"महोदय"
प्रतिदिन चलने वाली दो नई AC ट्रेन जो सभी सुविधाओं से युक्त हो "कुशीनगर गणतंत्र एक्सप्रेस' गोरखपुर से दिल्ली, एवं "पंडित राम प्रसाद बिस्मिल शहिद एक्सप्रेस" गोरखपुर से मुंबई,चलाने की मांग की थी। बुद्धिस्ट लिटरेचर" रिच डेविस की बुद्धिस्ट इंडिया"केपी जायसवाल एवं अन्य के अध्ययन से यह ज्ञात है दुनिया का प्राचीनतम गणतंत्र ईसा पूर्व छठी सदी में वैशाली लिच्छवी गणतंत्र"एवं कुशीनगर मल्ल गणतंत्र"था। कुशीनगर बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली है जो विश्व विख्यात है। पंडित राम प्रसाद बिस्मिल को मैं भारत कहता हूं उन्होंने गुलामी से आजादी के लिए फांसी थाम"ली।। बिस्मिल निर्धन परिवार के थे। मैं चाहता हूं इस देश का 100 करोड़ गरीब जिसे AC तो दूर स्लीपर की यात्रा भी नसीब नहीं है द्वितीय श्रेणी बोगी में भूसे और कचरे की तरफ मुंबई सूरत अहमदाबाद जैसे महानगरों में नौकरी जीविका' के तलाश में जाता है, वह भी आजादी महसूस कर सके वह महसूस कर सके कि वह इस व्यवस्था का हिस्सा है,रेल' उनकी है उन्होंने बनाई है अपने कठोर श्रम से निर्मित किया है 
"महोदय"
रेलवे का रत्ती"भर निजीकरण संविधान विरुद्ध है क्योंकि प्रिंबल ऑफ़ कॉन्स्टिट्यूशन"में समाजवादी"शब्द का उल्लेख है "निजी"शब्द का नहीं है। NER के जितने भाग का निजीकरण किया गया है उसका पुनःसार्वजनीकरण करें। NER की खाली पद भर दिए जाँय।
"महोदय"
पैसेंजर गाड़ियों को बंद कर तंग हाल गरीब लोगों का संचार उनसे क्यों छीना गया ? मेल गाड़ियों से स्लीपर की 50% कोचेज कम करने से स्लीपर कोचेज"भूसे की बोरी बन गईं।  पूउरे,ने ऐसा क्यों किया? इस पर विचार क्यों नहीं किया कि जिन्होंने रेल की पटरिया बिछाई, रेल खड़ा की वे ट्रेनों में कैसे जाएंगे? कहां बैठेगे? 

प्रति:- रेल मंत्री  सीआरबी  सीसीएस NER सीपीआरओ  NER CR कमिश्नर डीएम एसएसपी एसपी सिटी गोरखपुर

संपूर्णानंद मल्ल
पीएचडी इन हिस्ट्री, हिस्ट्री डिपार्टमेंट, फैकल्टी ऑफ़ सोशल साइंसेज दिल्ली यूनिवर्सिटी
9415418263 9415282102
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