"माननीय प्रधानमंत्री जी"
★जीवन लोकतंत्र संविधान हिंदू मुस्लिम-एकता जीवित रखिए अब और अधिक मत मारिए★
★ बुद्ध कबीर स्वामी दयानंद "(पाखंड खंडिनी पताका)" विवेकानंद (मूर्ति पूजा खंडन) गांधी का सम्मान करिए
★ आपका झूठ पाखंड एवं अंधविश्वास और अधिक सहना मुश्किल हो गया है।
क्या यही भारत है?इस मुल्क को कहां पहुंचाना चाहते हैं? केदारनाथ अयोध्या बनारस उज्जैन मथुरा में जो कुछ आप किए, करने जा रहे हैं उसका जीवन मानवता' लोकतंत्र' संविधान' हिंदू मुस्लिम एकता'से क्या लेना देना ? इस पर विचार कर लिए होते की जिस अंधविश्वास पाखंड को आप फैला रहे हैं उसका खंडन स्वामी दयानंद स्वामी विवेकानंद सावित्रीबाई भगत सिंह सुभाष चंद्र बोस गांधी अंबेडकर जैसे महापुरुषों ने कर दिया है। जानते हैं यह महान लोकतंत्र' और महान कांस्टीट्यूशन"केदारनाथ अयोध्या बनारस उज्जैन मथुरा के मंदिरों एवं मूर्तियों से नहीं निकला है वरन मदन लाल ढींगरा' पंडित राम प्रसाद बिस्मिल अशफ़ाकउल्ला खान रोशन सिंह राजेंद्र लाहिड़ी भगत सिंह सुखदेव राजगुरु उधम सिंह जैसे असंख्य की फांसी उपरांत मिला है। कभी पढ़ने एवं जानने की कोशिश की भारत आजाद कैसे हुआ है? मंगल पांडे वक्त खान बहादुर शाह जफर उसके बेटों नाना साहब नाना साहब के सिपहसालार अजीमुल्ला शाह जो 19वीं सदी के मध्य भारत का महान मेधावी था,नाना साहब के पेंशन के लिए ब्रिटेन की महारानी से लंदन में समझौता( 1853) किया था,तांत्या टोपे नाना साहब झांसी की रानी उनका महान तोपची गौस खा 19वीं वीं सदी के मध्य का महानतम तोपची लखनऊ की बेगम हजरत महल फैजाबाद का अहमद उल्लाह बिहार के कुंवर बहादुर इलाहाबाद का लियाकत अली और असंख्य किसान मजदूर जो लाठी डंडे के साथ रण क्षेत्र में शहीद हो गए थे। भारत उनके खून की शहादत की मिट्टी है। ऊपर जितने भी नाम हमने गिनाये हैं इसमें से कोई हिंदू मुस्लिम नफरत"हिंदू राष्ट्र"जैसे गंदे नफरती सोच'एवं विचार वाले नहीं थे। आज आप जो कर रहे हैंअपने आप से पूछिए कि जीवन मानवता शिक्षा चिकित्सा संचार न्याय लोकतंत्र संविधान एवं विकास का आज जो कांसेप्ट है उसमें रत्ती भर क्या इसका योगदान है?और यदि नहीं है तो मात्र सत्ता की भूख मिटाने के लिए इस महान मुल्क को क्यों दफन कर रहे?
अयोध्या में फैलाई जा रहे हैं अंधविश्वास पाखंड पर मैंने आपको तीन पत्र लिखा है। जबाब किसी का नही।इस महान भारत को अपने जेब एवं"मुट्ठी रखना अच्छा नहीं। यह लोकतंत्र एवं संविधान में जीता है।भारत ऋग्वेद के 'भरत क्लान"का देश है।यह बुद्ध कबीर रहीम नानक विवेकानंद गांधी का देश है यह महान राजा अशोक का देश है जिसने अपने प्रस्तर अभिलेख में लिखवाया। कियम चु धम्मे? धर्म क्या है? स्वतः उत्तर दिया। अपासिनवे"बहुकयाने दया दाने सच सोचवे मादवे साधवे च - वह अभिलेख में हिंसा न करने की बात करता है माता-पिता गुरु के सम्मान श्रमिकों नौकरों के साथ सम्यक व्यवहार की बात करता है।"
जिस सदन को विधायिका के सदस्य गण फरिश्ता का दिया हुआ भवन मानते हैं, वह तो वायसराय इरविन द्वारा लोगों की चमड़ी उधेड़कर वसूले गए लैंड रिवेन्यू'से बनवाया गया सेंट्रल लेजिसलेटिव असेंबली। विट्ठल भाई पटेल सेंट्रल लेजिसलेटिव असेंबली की प्रोसिडिंग कर रहे थे वायसराय इरविन मौजूद था ट्रेड डिस्प्यूट्स बिल"एवं पब्लिक सेफ्टी बिल"पर बहस के दौरान भगत सिंह बटुकेश्वर दत्त ने बहारों को सुनाने के लिए बम फेंका था ।आपने जीएसटी के रूप में लोगों की पेट की अंतड़ी निकाल कर, इतिहास में अमर होने के लिए, हजारों करोड़ का सेंट्रल विस्टा बनवा दिया।चंडीगढ़ में 47वीं जीएसटी मंत्रियों की बैठक में जीएसटी की दर बढ़ाई और आटा चावल गेहूं दाल तेल चीनी पर भी जीएसटी लगा दिया? क्या मनुष्यों की कोई जाति जीवन पर भी टैक्स लगा सकती है? और जब आप इस पर टैक्स लगा देंगे तो जीवन का मौलिक अधिकार अनुच्छेद 21 कैसे बचेगा? 545 और 243 सांसदों में से कौन ऐसा सांसद है जो इसके लिए आपको अनुमति दिया है? लोगो के वोट की भीख से सदन में पहुंचने वाले संसद इसकी अनुमति नहीं दे सकता टैक्सेशन संसद का विषय है आप सड़क से टैक्स लगवा रहे हैं जिस सदन में पहुंचने के लिए आप लोग जीवन' लोकतंत्र' संविधान' हिंदू मुस्लिम एकता तोड़ते हैं उस सदन के प्रति मेरे मन में उतना ही सम्मान है जितना इस सदन के प्रति भगत सिंह अशफ़ाकउल्ला खान और गांधी का था।
आपसे निवेदन करना चाहता हूं और इसलिए भी कि जब आप 2014 में चुनाव लड़ रहे थे और "चाय पर चर्चा" आपका फेमस कार्यक्रम था उसे उस शहर में मैंने संचालित किया था जिस शहर में 2014 के चुनाव प्रचार आपने शुरू किया था ।मेरे ₹6000 खर्च हुए थे। इस प्रकार हमने आपका वेलकम किया था। परंतु आज मैं आपको यह सुझाव देता हूं कि यह पाखंड अंधविश्वास बंद करिए भारत को भारत रहने दीजिए बहुत सारे अच्छे लोग मिलकर सरकार बनाइये। मैंने इस पर भी पत्र लिखा है कि प्रकृति ने भारत को इतना अकूत संसाधन और संपदा दी है कि अगले दिन भारत से बेरोजगारी गरीबी महंगाई समाप्त हो जाएगी।। लोकतंत्र को लोकतंत्र रहने दीजिए। आप जानते हैँ कुछ को छोड़ कर सदनों में बैठने वाले शेष चोर लुटेरे भ्रष्ट बलात्कारी अपराधी हिंदू मुस्लिम नफरत जातीय जहर खोलने वाले हैं।
सबसे पहले फ्री शिक्षा फ्री चिकित्सा फ्री न्याय और फ्री संचार कर दीजिए। जिस देश में जीएसटी कलेक्शन पौने दो लाख करोड रुपए प्रतिमाह हो वहां शिक्षा चिकित्सा न्याय संचार खुली बाजार में महंगी दर पर बेची जा रही हो? सार्वजनिक क्षेत्र आप लोगों ने निजी हाथों को बेचा है उसे छीन लीजिए। निजीक्षेत्र" पूंजीपत्तियों के पास जो भी पैसा है वह इस देश के लूट का पैसा है। इन लोगों ने पैसा मां के पेट से नहीं लाया है।। सार्वजनिक क्षेत्र को बेचना असंवैधानिक है क्योंकि 'प्रिंबल आफ कांस्टीट्यूशन" में समाजवादी शब्द तो है परंतु प्राइवेट"शब्द नहीं है व्यवहार में भारतीय अर्थव्यवस्था सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की मिक्स अर्थव्यवस्था है। परंतु यह कैसी अर्थव्यवस्था है जिसमें एक व्यक्ति के पास 12 लाख करोड रुपए है दूसरी तरफ 80 करोड लोग 5 किलो अनाज में अपना जीवन खोज रहे हैं 22 करोड़ तो कुपोषित है। जीएसटी 16% करिए प्राचीन हिंदू रेट ऑफ़ टैक्स 1/6 है। खाने-पीने के समान पर जीएसटी समाप्त करिए निजी गाड़ियों का टोल टैक्स लेने का अर्थ जानते हैं "मां से मिली हमारी स्वतंत्रता छीन रहे हैं' इसे बंद करिए। वृद्ध को ₹3000 प्रतिमाह पेंशन दीजिए ।भारत में मदिरालय बंद कर दीजिए मदिरालियों को दुग्ध शॉप में बदल दीजिए। पत्रकार एवं वकील को 65 वर्ष की उम्र पूरी होने या मृत्यु पर उतना ही पेंशन दीजिए जितना विधायिका के सदस्यों को दिया जाता है और ■सच में यदि भारत को भारत बनाना चाहते हैं तंब ★'विधायिका की सदस्यता एक बार ★का कानून बनाने में देर न करें★ देश से बेरोजगारी गरीबी महंगाई हिंदू मुस्लिम नफरत जातीय जहर नारी बलात्कार झूठ हिंसा सब कुछ समाप्त हो जाएगा क्योंकि ये समस्याएं विधायिका एवं कार्यपालिका के सदस्यों के कारण फैली है।■
अयोध्या में फैलाई जा रही पाखंड झूठ अंधविश्वास बंद करिए संविधान भाग 4 ए मौलिक कर्तव्य 36d "साइंटिफिक टेंपर" का विकास करिए न कि पाखंड एवं अंधविश्वास का।इस महान मुल्क की सत्य अहिंसा एवं एकता को और अधिक कमजोर करने की कोशिश मत करिए ।सत्य अहिंसा की पूरी ताकत से आपकी पाखंडी अंधविश्वासी तानाशाही सत्ता के पतन कर "सत्याग्रह"करूंगा।
पूर्वांचल गांधी सत्यपथ
94154 18263
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