'माननीय राष्ट्रपति'
ज्ञापन द्वारा श्रीमान जिलाधिकारी
गोरखपुर
'महोदया'
इंकलाब जिंदाबाद,भगत सिंह अमर रहे
सेकुलरिज्म' 'सोशलिज्म' भगत सिंह की आत्मा
गुलामी 'पूंजी' सांप्रदायिकता' का पतन चाहते थे
बेरोजगारी' गरीबी' विषमता' महंगाई' चोरी' लूट' भय'नफरत हिंसा' अपराध' पर्यावरण विनाश' विधायिका' कार्यपालिका' के चोर लुटेरे अपराधियों की सत्ता की भूख मिटाने का उत्पाद है.'माननीय' श्रीमान अमीर धनी उच्च वेतन भोगी गिनती के थोड़े से लोग आजादी'लोकतंत्र'संविधान'विकास' की पीठ पर सवार है हम तो उनकी गुलामी' निरंकुशता' विषमता'अभाव' में जीवन गुजारने पर विवश है कानून'का नाम लेकर अपनी इच्छानुसार चाहे जो सत्ता में हो हमें कुचला'
भगत सिंह का ’समाजवाद'अंबेडकर का संविधान चाहिए'🇮🇳 आटा चावल दाल तेल चीनी पानी हवा दवा (जीवन है प्राण है) शिक्षा चिकित्सा रेल पर पूरी तरह टेक्स की समाप्ति चाहता हूं मैं जब पैदा हुआ था तो इसमें से किसी टैक्स का मैं गुलाम नहीं था परंतु विधायिका कार्यपालिका में बैठने वाले हिंद के हिंदुस्तानी चोर लुटेरों ने विलासिता' ऐश्वर्या' भोग' के लिये हमारे 'पेट 'पथ' शिक्षा चिकित्सा रेल दवा पर टैक्स लगा दिया। टैक्स शोषण'है अपराध' है
🇮🇳गरीब-अमीर सबको निशुल्क'एक विद्यालय' एक चिकित्सालय' एक रेल' ताकि 145 करोड़ तक संविधान पहुंच सके
🇮🇳 विधायिका कार्यपालिका के सदस्यता 'एक बार' ताकि चोर लुटेरे अपराधियों का विधायक कार्यपालिका पर कब्जा टूट जाए
🇮🇳 डीजल पेट्रोल CNG ₹70 /ली गैस ₹500/ सि करें दुपहिया वाहन पर टोल टैक्स किस संवैधानिक लुटेरे ने लगा दिया तत्काल समाप्त करें
🇮🇳 चुकी भगत सिंह पूंजीवाद का पतन एवं समाजवाद की स्थापना चाहते थे संविधान में 'सोशलिज्म है इसलिए निजी पूंजी संपदा संसाधन सार्वजनिक करें बेची गई सार्वजनिक संपदा एवं संसाधन छीन लिया जाए। 80 करोड़ कंगाल एवं 22 करोड़ कुपोषितों की कंगाली एवं कुपोषण की कीमत पर ही यह पूंजी एवं संसाधन इकट्ठा हुई है इसमें से किसी ने कुदाल नहीं चलाई'मजदूरी नही की' ये 'प्योर'चोर लुटेरे हैं.
🇮🇳 भगत सिंह मुसलमान के बिना जिंदा नहीं रह सकते थे उनकी आत्मा में मुसलमान बसता था गांधी' पं राम प्रसाद बिस्मिल मुसलमान के बिना जीवित नहीं रह सकते थे आतंकवाद के नाम पर जेलों में बंद उमर खालिद 'JNU अहमद मुर्तजा अब्बास गोरखपुर आदि को भगत सिंह गांधी बिस्मिल अशफाकउल्ला की शपथ लेकर तत्काल छोड़ दें.. भगत सिंह आदि क्रांतिकारियों को अंग्रेज आतंकवादी मानते थे आजादी के उपरांत भारत में आतंकवादी शब्द सत्ता के भूखे हिंदुस्तानी अंग्रेजों ने पैदा की है भारत में कभी आतंकवाद नहीं था उमर खालिद को आतंकवादी कहने का अर्थ है
'मानवता की नर्सरी JNU"को आप आतंकवादी कहना चाहते हैं अहमद मुर्तजा अब्बास को 'टाइम्स नाउ' समाचार पत्र 'he is mentaly unstable'--- लिखता है फिर भी NIA कोर्ट में उसे फांसी की सजा सुना दी।
हे सत्ता के भूखे भेडियों नफरतियों' सत्ता की भूख मिटाने के लिए मानवता को दफन न करें.बुद्ध कबीर नानक विवेकानंद सावित्रीबाई गांधी भगत सिंह पंडित बिस्मिल अशफ़ाकउल्ला खान अंबेडकर एपीजे अब्दुल कलाम और 145 करोड़ हिंद को जीवित रखें
'अगर कोई सरकार जनता को इसकी बुनियादी अधिकारों से वंचित रखे तो जनता का यह अधिकार ही नहीं बल्कि कर्तव्य बन जाता है कि ऐसी सरकार को बदल दे या समाप्त कर दे "भगत सिंह
गांधी शास्त्री जयंती 2 अक्टूबर संसद पर 'इंकलाब'
प्रति :- परम सम्माननीय मुख्य न्यायाधीश SC माननीय मुख्य न्यायाधीश इलाहाबाद दिल्ली उच्च न्यायालय
माननीय गृह मंत्री
डॉ संपूर्णानंद मल्ल पूर्वांचल गांधी
पीएचडी इन हिस्ट्री देलही यूनिवर्सिटी
9415418263 snm.190907 @ yahoo.co.in
🇮🇳 भगत सिंह जयंती 28 सितंबर 'भारत जयंती'
'माननीय राष्ट्रपति'
ज्ञापन द्वारा
श्रीमान आयुक्त
गोरखपुर
'महोदया'
मैं इतना ही निवेदन करता हूं कि लोकतंत्र' संविधान' में विश्वास रखने वाले गांधीवादी' शांतिवादी' बच्चों की शिक्षा के लिए संकल्पित'पर्यावरण एवं जलवायुविद' रमन मैग्सेसे सहित एक दर्जन से अधिक पुरस्कार विजेता विश्वव्यक्तित्व' सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा किया करें
क्रूर इमरजेंसी को याद कर बीजेपी अपना आक्रोश जताती है और हर हिंदुस्तानी को इमरजेंसी पर आक्रोश जताना चाहिए क्योंकि हमारे जीवन'एवं स्वतंत्रता' के मौलिक अधिकार हमसे छीनता है परंतु इंदिरा गांधी के बनाये तानाशाही NSA 1980,का इस्तेमाल करने में हुकूमत को बेशर्मी महसूस नहीं होती? भय नहीं लगता।
इमरजेंसी का प्रचंड विरोध इंदिरा गाँधी को इतना भयभीत कर रहा था कि उन्होंने 'विरोध को राष्ट्रीय सुरक्षा' से जोड़ दिया और जनवरी 80 में पुनः सत्ता में आने पर NSA बना दिया.
'महोदया'
सोनम वांगचुक पर लगाया गया रासुका तत्काल समाप्त कर दिया जाए। जीवन'लोकतंत्र'स्वतंत्रता संविधान' का अभिशाप रासुका सदन में प्रस्ताव लाकर समाप्त करें आखिर मदर ऑफ़ डेमोक्रेसी में रासुका क्यों? जीवन एवं स्वतंत्रता छीनने का इमरजेंसी से भी बड़ा इंस्ट्रूमेंट है NSA
प्रति:-परम सम्माननीय मुख्य न्यायाधीश SC मा मुख्य न्यायाधीश इलाहाबाद दिल्ली उच्च न्यायालय
माननीय गृह मंत्री
डॉ संपूर्णानंद मल्ल पूर्वांचल गांधी
पीएचडी इन हिस्ट्री देलही यूनिवर्सिटी
9415418263 snm.190907 @ yahoo.co.in
🇮🇳 भगत सिंह जयंती 28 सितंबर 2025
'माननीय राष्ट्रपति'
ज्ञापन द्वारा
श्रीमान आयुक्त
गोरखपुर
'महोदया'
देशभर में जहां भी चौराहों पर सार्वजनिक स्थानों पर शहीदों क्रांतिकारियों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रतिमाएं लगी हैं उसके आसपास नेताओं अमीरों धनिको पूजीपतियों के प्रचार स्लोगन होल्डिंग लगी है इन्हें हटाते हुए उस स्थान पर उनके जन्म' मृत्यु 'की तारीख उनके बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें जो संभव हो सके लिख दिया जाए किसी प्रतिमा पर हरा झंडा काला झंडा भगवा उतरकर तिरंगा लगाया जाए
माननीय के नाम पर चोर लुटेरे व्यभिचारियों अपराधियों नफरतियों की तस्वीरें चौराहों सार्वजनिक स्थानों पर लगा दी गई है इन्हें तत्काल उतार दिया जाए जिन लोगों ने इन तस्वीरों को लगाया है उनको पनिश किया जाए।
प्रति:-परम सम्माननीय मुख्य न्यायाधीश SC मा मुख्य न्यायाधीश इलाहाबाद दिल्ली उच्च न्यायालय
माननीय गृह मंत्री
डॉ संपूर्णानंद मल्ल
पूर्वांचल गांधी
पीएचडी इन हिस्ट्री देलही यूनिवर्सिटी
9415418263 snm.190907 @ yahoo.co.in
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