मंडलायुक्त गोरखपुर मंडल अनिल ढींगरा ने आज जनपद कुशीनगर के भ्रमण के दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनगणना से सम्बंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि जनगणना के आधार पर ही देश एवं प्रदेश सरकार द्वारा विकास से संबंधित योजनाएँ एवं कार्यक्रम तैयार किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि जनगणना का उद्देश्य एवं उसका महत्व भली-भांति समझ लेना चाहिए। यदि किसी को कोई दुविधा या असमंजस हो तो संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर लें। उन्होंने बताया कि जनगणना के बाद प्रत्येक प्रगणक को क्षेत्र आवंटित किया जाता है, जिसमें वे घर-घर जाकर प्रत्येक परिवार का सर्वे कर सभी आवश्यक जानकारियाँ एकत्र करते हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि जनगणना का कार्य त्रुटिरहित होना चाहिए तथा किसी भी परिवार की जानकारी अधूरी नहीं रहनी चाहिए। साथ ही जनगणना से संबंधित सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखने के भी निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने बताया कि जनगणना का कार्य दो चरणों में सम्पन्न किया जाएगा। प्रथम चरण में मकानों का सूचीकरण एवं गणना 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक की जाएगी। इसके पूर्व 7 मई 2026 से 21 मई 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार से संबंधित विवरण स्वयं दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना का कार्य 28 फरवरी 2027 तक सम्पन्न कराया जाएगा।
इसके पश्चात मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी के कार्यालय कक्ष में समस्त उपजिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के साथ बैठक कर राजस्व विभाग की धारा-24, धारा-34, धारा-80 सहित अन्य राजस्व वादों की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व वादों का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। पुराने वादों की सुनवाई कर आदेश पारित करते हुए इस माह के अंत तक अधिकतम पुराने मामलों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी उपजिलाधिकारी प्रतिदिन न्यायालय की कार्यवाही की स्वयं निगरानी करें।
एसआईआर की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि मैपिंग के बाद जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं उनसे फार्म भरवाकर पेंडेंसी समाप्त की जाए। ऐसे बूथों को चिन्हित किया जाए जहाँ 10 से कम फार्म भरे गए हैं और संबंधित बीएलओ को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने सांसद, विधायक, पूर्व सांसद-विधायक एवं अन्य विशिष्ट व्यक्तियों के परिवारों को भी चिन्हित करने तथा उनके परिवार के किसी भी सदस्य का नाम मतदाता सूची से छूटने न देने के निर्देश दिए। साथ ही 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के नए मतदाताओं को विशेष रूप से सूची में जोड़ने पर बल दिया। इस दौरान फार्म-8, एनआरआई, ईपी रेशियो आदि की भी समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इसके पूर्व मंडलायुक्त ने कलेक्ट्रेट परिसर का भ्रमण करते हुए विभिन्न पटलों का निरीक्षण किया। शिकायत प्रकोष्ठ का निरीक्षण करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि आईजीआरएस पर कोई भी शिकायत लंबित न रहे तथा किसी भी प्रकरण में असंतोषजनक फीडबैक प्राप्त न हो। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को बुलाकर आपसी सहमति से शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। मुख्यमंत्री संदर्भित शिकायतों का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा कोई भी प्रकरण डिफॉल्टर श्रेणी में न जाने पाए।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने भूमि सुधार, लोकवाड़ी, संयुक्त कार्यालय, नजारत, जिला पूर्ति कार्यालय सहित अन्य पटलों का भी निरीक्षण किया तथा अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव एवं इंडेक्स तैयार करने के निर्देश दिए।
भ्रमण एवं बैठक के दौरान जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
*दिनेश जायसवाल की रिपोर्ट*
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