डेंटल फील्ड में क्रांति लाएगी लेज़र तकनीक, विशेषज्ञों ने बताई किताब की खासियत

*झांसी में मेडिकल साइंस को नई दिशा: लेज़र आधारित दंत चिकित्सा पर किताब का भव्य विमोचन*


*कुलपति के हाथों लॉन्च हुई ‘Lasers: A Precision Tool for Periodontics’, युवाओं को मिला बड़ा संदेश*


*डेंटल फील्ड में क्रांति लाएगी लेज़र तकनीक, विशेषज्ञों ने बताई किताब की खासियत*


झांसी! आज दिनांक को माननीय कुलपति श्री मुकेश पांडे जी द्वारा डॉ. रॉबिन श्रीवास्तव एवं डॉ. आर. पी. श्रीवास्तव द्वारा लिखित पुस्तक *“Lasers: A Precision Tool for Periodontics”* का विधिवत विमोचन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षाविदों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


इस अवसर पर डॉ. रॉबिन श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान समय में लेज़र तकनीक चिकित्सा के लगभग सभी क्षेत्रों में तेजी से उपयोग में लाई जा रही है। विशेष रूप से दंत चिकित्सा में यह तकनीक सुरक्षित, प्रभावी और आधुनिक उपचार विकल्प के रूप में उभरकर सामने आई है।


उन्होंने कहा कि पुस्तक में लेज़र तकनीक की कार्यप्रणाली, विभिन्न उपचारों में इसके उपयोग, क्लिनिकल अनुप्रयोगों तथा सेफ्टी प्रोटोकॉल्स को वैज्ञानिक और विस्तृत रूप से प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक देश-विदेश के दंत चिकित्सा विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी।


उल्लेखनीय है कि डॉ. रॉबिन श्रीवास्तव, दंत चिकित्सा के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. आर. पी. श्रीवास्तव के सुपुत्र हैं। डॉ. आर. पी. श्रीवास्तव को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी द्वारा सम्मानित किया जा चुका है, वहीं बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2001 में राज्यपाल श्री विष्णुकांत शास्त्री जी के हाथों बेस्ट टीचर अवॉर्ड एवं गोल्ड मेडल से भी सम्मानित किया गया था।


कार्यक्रम में सावित्री हॉस्पिटल झांसी की दंत चिकित्सक डॉ. ऋतिका श्रीवास्तव, डॉ. संजीव श्रीवास्तव (फिजिक्स विभाग, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय), डॉ. ए. के. श्रीवास्तव (बीबीसी) एवं पूर्व एडीएम श्री आर. सी. श्रीवास्तव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


माननीय कुलपति श्री मुकेश पांडे जी ने पुस्तक लेखन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास युवा पीढ़ी को शोध और नवाचार के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने पुस्तक को दंत चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान बताते हुए इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।


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