मुहर्रम का चांद नजर आते ही बदायूँ में दौड़ी सोग की लहर, कर्बला काज़ी हौज़ में होगी परचम कुशाई

बदायूँ /मुहर्रम का चांद नजर आते ही बदायूँ शहर पूरी तरह गम और सोग के माहौल में डूब गया है। पैगम्बर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके जांनिसार साथियों की अमर शहादत की याद में शिया समुदाय ने काले लिबास अख्तियार कर लिए हैं।

'शिया तंज़ीमुल मोमिनीन' के सेक्रेटरी **जाबिर ज़ैदी** ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि पहली मुहर्रम को कर्बला काज़ी हौज़ में परचम कुशाई (झंडा फहराने) की रस्म के साथ अज़ादारी का बाकायदा आगाज़ हो जाएगा। 

उन्होंने कहा, *"यह महीना हमारे लिए सोग और मातम का महीना है। हम लोग पूरे 2 महीने 8 दिन इमाम हुसैन (अ.स.) के गम में मसरूफ रहते हैं।"*
शहर में मुहर्रम के दौरान होने वाली मजालिस का कार्यक्रम इस प्रकार तय किया गया है:
### मजालिस का पूरा शेड्यूल:
 * **पहला अशरा:** इमामबाड़ा मुत्तक़ीन (सैय्यद बाड़ा, बदायूँ) में प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे मजलिस का आयोजन किया जाएगा।

 दूसरा अशरा: अज़ाखाना जावेद अब्बास में हर दिन रात 8:00 बजे मजलिस होगी, जिसे मशहूर आलीम-ए-दीन मौलाना सैफ अली ज़ैदी साहब  खिताब (संबोधित) करेंगे।
चांद दिखने के साथ ही शहर के तमाम इमामबाड़ों और अज़ाखानों को मुहर्रम की मजालिस के लिए अंतिम रूप दे दिया गया है और अज़ादारों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है।

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