"माननीय राष्ट्रपति महोदया" दिल्ली में उठाऊंगा तिरंगा'"हिंद जितना हिंदू का है उतना ही मुसलमान का" 'इंकलाब जिंदाबाद'

भगत सिंह जयंती 28 सितंबर 2026 सत्यपथ थाना शाहपुर गोरखपुर

"माननीय राष्ट्रपति महोदया" दिल्ली में उठाऊंगा तिरंगा'
"हिंद जितना हिंदू का है उतना ही मुसलमान का"
               'इंकलाब जिंदाबाद'

आज तो आदेश दीजिए कि इस देश में आज के बाद कोई मस्जिद मजार मकबरा मारा नहीं जायेगा आज उस महान शहादत का जन्मदिन है जिसने हमें आजादी दी है जिसके कलेजे में 'सोशलिज्म' और 'सेक्युलरिज्म'था (जिसे सत्ता में बैठने वाले अपराधी बलात्कारी लुटेरे आज समाप्त करने की बात सोच रहे हैं ) जो मुसलमान के बिना जिंदा नहीं रह सकता था जिसके हिंदुस्तान का पर्याय था हिंदू मुसलमान" परंतु लोकतंत्र संविधान कुचलने'वाली दक्षिणपंथी फासीवादी हिंसक हिंदुत्व की हुड़दंगाई सत्ता मस्जिद मजार मकबरा बुल डोज कर रही है ---मैंने हजार से अधिक पत्र ज्ञापन वायसराय इर्विन के वायसराय भवन,जिसे आज 'राष्ट्रपति भवन' कहा जाता है,भेजा कि मस्जिद मकबरा मजार न गिराये। सत्य अहिंसा की पूरी ताकत से यह कहना चाहता हूं कि मैं अब दिल्ली में तिरंगा उठाने पर विवश हूं एक बार ओर निवेदन करता हूं कि मस्जिदों के गिरने की अपराधिक कृत्य बंद कर दी जाए ।हद तब हो गई जब उनके दफन स्थलों को आप खोदते हैं? हिंद की एकता को नाश करने वाला यह कृत्य वैसे भी Right to equality' 'Right to religion'Paces of worship act 1991 की हत्या है। 

यह देश गांधी भगत सिंह सुभाष चंद्र बोस अशफ़ाकउल्ला खा पं बिस्मिल चंद्रशेखर आजाद का है जिन्होंने हमें ब्रिटिश गुलामी से आजादी दिलाई। वे लोग मुसलमान के बिना नहीं रह सकते थे उनके हिंदुस्तान में हिंदू मुसलमान दोनों थे। आज सत्ता के भूखे भेड़िए मुसलमान के बिना हिंदुस्तान की कल्पना कर रहे हैं बाहर चले जाएं खदेड़ने की धमकियां दे रहे हैं। यह सब कुछ आप की नजर के सामने हो रहा है? जब आप 145 करोड लोगों की 'गण मुखिया' हैं तब ऐसा क्यों हो रहा है? उनकी मस्जिद मजार मकबरा क्यों तोड़ी जा रही है? ये समझते हैं मस्जिद मकबरा केवल ईंट बालू सीमेंट गिट्टी की बनी एक धार्मिक संरचना मात्रा है परंतु यह हिंदू मुस्लिम एकता की इमारत है। हजारों पत्र ज्ञापन लिखा कि मस्जिद मजार कब्रिस्तान इसलिए न तोड़े कि वह सरकारी जमीन पर हैं क्योंकि यह जमीन संयुक्त रूप से हिंदू मुसलमान की है आजादी के प्रथम प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 में एक साथ दोनों की तलवारें अंग्रेजी एनफील्ड राइफल से लड़ी यदि 100 लोग मारे गए तो उसमें 90 मुसलमान थे। और यदि सरकारी सार्वजनिक जमीन पर होने के  कारण मस्जिद तोड़ी जा रही है तब तो हिंद के सभी मंदिर तोड़ने पड़ेंगे उन मंदिरों को छोड़कर जो किसी व्यक्ति के घर में उसके बाउंड्री के अंदर है। 

निवेदन पूर्वक बार-बार आग्रह कहता हूं कि गांधी सुभाष चंद्र बोस भगत सिंह की धरती पर मस्जिदों मकबरों मजारों पर बुलडोजर बंद कर दें तत्काल बिना किसी देर। गांधी सुभाष भगत सिंह अशफाक उल्ला पंडित बिस्मिल के मुल्क में यह नहीं चलेगा बिल्कुल नहीं चलेगा। यह अपराध और अधिक सहना मुश्किल है। इसलिए दिल्ली की सड़कों पर तिरंगा उठाने पर विवश हूं। अस्वस्थ हूं इसलिए देर हो रही है हम यहां पहुंच गए कि राइट टू इक्वलिटी' ''धार्मिक समानता के मौलिक अधिकार' और 'प्लेसेस ऑफ़ वरशिप एक्ट'1991 की हत्या गण मुखिया के नजर के सामने की जा रही है।

प्रति:- परम सम्माननीय मुख्य न्यायाधीश संविधान पीठ सर्वोच्च न्यायालय 

पूर्वांचल गांधी
9415418263

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ