जपनद बस्ती के रुधौली क्षेत्र के सुप्रसिद्ध समाजसेवी श्री अजमत खान के सुपुत्र जीशान खान ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है। मानवाधिकारों के ‘विश्व मानवाधिकार परिषद‘ ने जीशान खान की प्रतिभा और समाज के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश का राज्य उपाध्यक्ष (स्टेट वाइस प्रेसिडेंट) मनोनीत किया है।
संस्था द्वारा जारी आधिकारिक पहचान पत्र के अनुसार, उनका यह कार्यकाल 31 दिसंबर 2027 तक प्रभावी रहेगा। गौरतलब है कि यह संगठन संयुक्त राष्ट्र (न्छ) के कई नियमों, एसडीजी अकॉर्ड और यूनाइटेड नेशन ग्लोबल कॉम्पैक्ट नेटवर्क-इंडिया से संबद्धता रखते हुए वैश्विक मानकों पर कार्य करता है।
पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए बनाई खास पहचान
जीशान खान को समाजसेवा की प्रेरणा अपने पिता और क्षेत्र के जाने-माने समाजसेवी श्री अजमत खान से विरासत में मिली है। अपने पिता के मार्गदर्शन में जीशान लंबे समय से क्षेत्र के गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की आवाज बुलंद करते आ रहे हैं। ‘विश्व मानवाधिकार परिषद‘ में इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद यह साफ है कि अब वे राज्य स्तर पर पीड़ितों को न्याय दिलाने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए और अधिक मजबूती से काम कर सकेंगे।
अपनी इस नई और बड़ी जिम्मेदारी पर आभार व्यक्त करते हुए जीशान खान ने कहा, संगठन ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उस पर पूरी निष्ठा के साथ खरा उतरने का प्रयास करूँगा। मेरे पिता ने हमेशा मुझे निःस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करना सिखाया है। इस पद के माध्यम से मेरा मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के कोने-कोने में मानवाधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करना और हर पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाना होगा।
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