PIL :महान अदालत से यह प्रार्थना करता हूं कि संविधान में दिए गए जीवन' स्वतंत्रता' समानता' के हमारे मौलिक अधिकार हमें वापस किये जाए

गणतंत्र दिवस 2024
"परम सम्माननीय मुख्य न्यायाधीश /संविधान पीठ 
माननीय सर्वोच्च न्यायालय"

"परम सम्माननीय न्यायालय"
खाने-पीने' कहीं आने-जाने पर टैक्स देने एवं महंगाई की आग में मछली की तरह भुनाने के लिए मेरी मां ने मुझे पैदा नहीं किया ।मां ने खाने' बोलने' चलने' का वह नैसर्गिक अधिकार देकर हमें धरती पर भेजा, जिसे कोई छीन नहीं सकता। ऐसा कोई क्रूर' अपराधी ही  कर सकता है।जीवन"स्वतंत्रता"समानता" की गारंटी संविधान के अनुच्छेद 18-21 एवं 14-18 में दी गई है।

"महामहिम राष्ट्रपति"को द्वारा श्रीमान आयुक्त गोरखपुर' पटना 100 से अधिक पत्र/ ज्ञापन प्रेषित किया परंतु एक भी का उत्तर नहीं,मेरे हिस्से का'लोकतांत्रिक गणतंत्र'कहां है?
'जवाबदेहीहीन' लोकतंत्र सूखे पेड़ की तरह है ।

 PIL :---महान अदालत से यह प्रार्थना करता हूं कि संविधान में दिए गए जीवन' स्वतंत्रता' समानता' के हमारे मौलिक अधिकार हमें वापस किये जाए जो सरकार के"आर्बिट्रेरी ऑर्डर्स' द्वारा छीन लिए गए हैं।

★चावल आटा गेहूं दाल तेल चीनी दवा जिसके बिना जीवन असंभव है, जो जीवन से अभिन्न है प्राण है,GST लगाकर हमारा जीवन हमसे छीन लिया गया है। जीवन हमारा मौलिक अधिकार, जिसकी गारंटी संविधान के (अनुच्छेद 21 ) में दी गयी है। इसे रद्द करें।

★महंगाई एक अपराध'है। भरवाही गाड़ियों अधिक टोल टैक्स (₹900 तक प्रति टोल )लिए जाने'डीजल पेट्रोल सीएनजी घरेलू गैस क्रमशः लगभग 100 रुपए एवं ₹1000 बेचे जाने के कारण पैदा हुई है। एक टोल पर रुपए 500, 600, 700, 800, 900 टोल टैक्स "खुली एवं बेशर्म लूट" है ऐसे लूट का उदाहरण अंग्रेजी गुलामी के लैंड रेवेन्यू' में भी देखने को नहीं मिलता जिसका विस्तृत उल्लेख दादाभाई नौरोजी ने अपनी पुस्तक 'पॉवर्टी एंड अनब्रिटिश रूल" में की है। इसे ₹1/KM कर दिया जाए ताकि महंगाई की आग में मछली की तरह भुजा रहे 5 किलो अनाज पर जीने वाले 80 करोड़ गरीब एवं 22 करोड़ कुपोषित बच जाय। डीजल जब 95 रु/ली बचेगें तो महंगाई कैसे रुकेगी? सिलेंडर ₹1000 प्रति क्यों बेच रहे है? डीजल पेट्रोल सीएनजी सिलेंडर क्रमशः 62 रुपए 73 रुपए 62 रुपए 594 करें जो कोरोना पूर्व था

★निजी गाड़ियों पर टोल टैक्स कहीं 'आने-जाने की हमारी स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार (19d) की हत्या है। हमारे पैर में टैक्स की बेड़ी क्यों पहनाई ? जब प्रेसिडेंट जज प्राइम मिनिस्टर सांसद विधायक सहित तीन दर्जन से अधिक लोगों की गाड़ियों परTT नहीं लगता तो लोगों की गाड़ियों क्यों? यह "राइट टू इक्वलिटी"अनु 14-18 का वायलेशन है वहां इस बात का उल्लेख नहीं है की VIP को टैक्स में छूट दी जाएगी? गाड़ियों पर टोल टैक्स लिया जाना 'कानून की हत्या' भी है क्योंकि गाड़ियां परचेज करते समय ही 'वन टाइम रोड टैक्स" जमा कर लिया जाता है। 

समान"फ्री' शिक्षा चिकित्सा एवं रेल संचार करें ताकि 102 करोड लोग जिनके पास फूटी कौड़ी नहीं है,शिक्षा चिकित्स संचार हासिल कर सकें? जीवन की  इन मौलिक जरूरत से गरीब कुपोषित वंचित है।शिक्षा के बिना'आदमी'"ह्यूमन बीइंग 'नहीं बन सकता,दवाई के बिना जिंदा नहीं रह सकता,और पैसे के अभाव में कहीं आने जाने का मौलिक अधिकार से वंचित है 

महान न्यायालय से यह गुजारिश 
हमारे जीवन के ऐसे मौलिक अधिकार जिसे छीन लिया गया है 22 मार्च तक सरकार वापस कर दे अन्यथा भगत सिंह सुखदेव राजगुरु के शहादत दिवस'23मार्च  संसद पर सरकार के 'सर्बिट्रेरी ऑर्डर्स' को उसी ढंग से तोड़ दूंगा जैसे गांधी ने  क्रूर'लुटेरे' फिरंगियों का नमक कानून तोड़ा था।

याचिकाकर्ता
डॉ संपूर्णानंद मल्ल  पूर्वांचल गांधी   सत्यपथ 
पीएचडी इन आर्कियोलॉजी इंडोलॉजी हिस्ट्री
दिल्ली यूनिवर्सिटी 
गोरखपुर  273004 , 9415418263
snm.190907@yahoo.co. in

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