वर्तमान सत्ता झूठी' हिंसक'क्रूर' है: पूर्वांचल गांधी

                        ' बनारस सत्याग्रह' 

वर्तमान सत्ता झूठी' हिंसक'क्रूर' है इसने इस महान मुल्क को बेरोजगारी गरीबी महंगाई नफरत बलात्कार सरकारी चोरी का मुल्क बना दिया.इस सत्ता को अस्वीकार करता हूं."काशी सत्याग्रह" में बनारस की महान जनता को जब नरेंद्र मोदी के सच" को बताऊंगा तब इनकी ज़ालिम सत्ता यूँ ही दम तोड़ देगी. मेरा सत्याग्रह गांधी के सत्य' अहिंसा' स्वराज' भगत सिंह के समाजवाद"अंबेडकर के संविधान' से संचालित होगा 

हम लंगडी-लुची' लड़खड़ाती लोकतांत्रिक प्रणाली में जीते हैं महान संविधान हमारे लिए जीवन स्रोत ऑक्सीजन 'जल की तरह है.इस महान संविधान"डेमोक्रेसी"को पैरों तले कुचलता  मैं नहीं देख सकता जो मदन लाल ढींगरा भगत सिंह सुखदेव राजगुरु बिस्मिल अशफाकउल्ला रोशन सिंह राजेंद्र लाहिड़ी उधम सिंह आदि के फांसी पर लटकाने का परिणाम है.

मैं किससे पूछूं कि काशी में निर्दलीयों को पर्चा लेने से क्यों रोका गया?. आम आदमी को उनके डेमोक्रेटिक राइट"से क्यों बेदखल किया गया? यह न केवल असंवैधानिक है संविधान का बायलेशन" है वरन एक अपराध भी.
 
मैं ऐसी सत्ता का पतन चाहता हूं जो हमारा जीवन' स्वतंत्रता' लोकतंत्र' संविधान' हमसे छीनता है.मैं उस सत्ता को क्यों स्वीकार करूँ जो आटा चावल गेहूं दाल तेल चीनी दवा यानी हमारे प्राण"एवं जीवन' पर टैक्स लगाती है हमारी निजी गाड़ियों पर टोल टैक्स वसूलती हैं हमारी शिक्षा चिकित्सा रेल संचार को ऊंची कीमतों पर बाजार में बेचती है डीजल पेट्रोल CNG सिलेंडर क्रमशः₹100 एवं 1200 में बेचती है. क्या इस क्रूर हुकूमत ने कभी सोचा की 5 किलो अनाज में जीवन खोजने वाले 80 करोड़ लोग एवं 22 करोड़ कुपोषित जिनके पास फूटी कौड़ी नहीं है चीनी तेल दवा पढ़ाई यातायात जैसी जीवन की ज़रूरतें कैसे हासिल करेगा? मैंने 100 से अधिक पत्र/ ज्ञापन सरकार एवं राष्ट्रपति को लिखा कि आटा चावल गेहूं दाल तेल चीनी दवा पर जीएसटी समाप्त करें शिक्षा चिकित्सा रेल संचार फ्री एवं एक समान करें प्रत्येक टोल पर दोनों तरफ एक-एक टोल लेन फ्री करें ताकि जिनके पास पैसा न हो वह भी कहीं आने-जाने के "स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार" से वंचित न रहे.GST साढे 16%"हिंदू रेटऑफ़ टैक्स',कर दें डीजल पेट्रोल सीएनजी ₹50 एवं सिलेंडर ₹500 कर दे.गरीबों को गैस फ्री दें.. या मनमोहन सिंह के जमाने की कर"कीमत" प्रणाली लागू कर दें. मेरे किसी पत्र का कोई जवाब नहीं. मैं इसे लोकतंत्र कैसे स्वीकार करूं?इसमें कहां लोकतंत्र है?जवाबदेही हीन लोकतंत्र सूखे पेड़ की तरह है. 'सत्ता निरंकुश' तानाशाहों की मंडली है'

मैं जानता हू नरेंद्र मोदी के सच को लोगों के सामने रखूंगा तब उनकी झूठी हिंसक बेरोजगारी गरीबी महंगाई भय नफरत बलात्कार सरकारी चोरी पैदा करने वाली सत्ता दन तोड़ देगी. मैं चाहता हूं नरेंद्र मोदी सरकार मेरे साथ वही व्यवहार करें जो मनमोहन सिंह सरकार 2014 के चुनाव में मोदी के कार्यक्रम "चाय पर चर्चा" में मेरे साथ किया था जिसको गोरखपुर में मैंने संचालित किया था. 

जब मैं सत्याग्रह करने जाता हूं पुलिस मुझे घर में बंद कर देती. पिछले 7 जुलाई को नरेंद्र मोदी के गोरखपुर आगमन पर उनको काला झंडा दिखाना चाहता था तब पुलिस मुझे 6 जुलाई को घर में बंद कर दी.महान मजदूर दिवस एक मई को काशी क्रांति के लिए बनारस निकालने के पूर्व मुझे घर में बंद कर दिया गया. क्या यही फ्रीडम है?यही कॉन्स्टिट्यूशन है?

झूठ हिंसा नफरत भय फैलाने वाले प्रधानमंत्री गृह मंत्री रक्षा मंत्री मोहन भागवत रामनाथ कोविंद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं अन्य कोZ+सुरक्षा दी गई है वहीं सुरक्षा मुझे तत्काल दी जाए क्योंकि इस महान मुल्क में गोडसे एवं हिंदुत्व के हुड़दंगाईयों की सत्ता नहीं चलने दूंगा यह महान मुल्क भगत सिंह एवं गांधी का जो मुसलमान के बिना जीवित नहीं रह सकते थे.गांधी "मेरे हृदय में एक तरफ दलित और दूसरी तरफ मुसलमान रहता है. भगत सिंह ने फांसी के पूर्व मुसलमान के हाथ बने खाना खाने की इच्छा जाहिर की अंबेडकर की महान संविधान संहिता "बराबरी की आत्मा" निर्मित है.
 "सत्य एवं अहिंसा की जितनी जरूरत निजी जीवन में है उससे अधिक सार्वजनिक जीवन में" 
प्रति.:- महा राष्ट्रपति मा गृहमंत्री 

डॉ संपूर्णानंद मल्ल      पूर्वांचल गांधी        सत्यपथ 
9415418263

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