शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही प्राथमिकता:
संवाददाता आलोक तिवारी
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने स्पष्ट किया है कि जन शिकायतों का निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सी.एम. डैशबोर्ड, राजस्व, कर-करेत्तर और आई.जी.आर.एस. संदर्भों की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम कड़े तेवर में नजर आए।
शिकायतकर्ता को खुद लगाया फोन
बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान स्वयं एक शिकायतकर्ता (मुनेश) को फोन मिला दिया। उन्होंने दूरभाष पर शिकायत की वस्तुस्थिति और निस्तारण की गुणवत्ता की जानकारी ली। डीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव और मंडलायुक्त स्तर से प्राप्त शिकायतों का निस्तारण संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से करें।
राजस्व वादों पर सख्ती: 5 साल पुराने मामले हों खत्म
जिलाधिकारी ने राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी उप जिलाधिकारियों (SDM) और न्यायिक अधिकारियों को अधिवक्ताओं से समन्वय बनाकर पुराने लंबित मामलों को निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि:
5 साल से अधिक पुराने वादों को तत्काल निस्तारित किया जाए
धारा 80, 24, 116 और 34 जैसे महत्वपूर्ण राजस्व मामलों का निस्तारण समय सीमा के भीतर हो।
अनावश्यक रूप से किसी भी पत्रावली को लंबित न रखा जाए।
राजस्व वसूली का लक्ष्य 100% हो पूरा
कर-करेत्तर राजस्व की समीक्षा करते हुए डीएम ने स्टांप, विद्युत, राज्य कर, परिवहन, आबकारी, मंडी समिति और खनन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति की ओर बढ़ते हुए राजस्व वसूली के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त करें।
बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने उन्हें ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैठक में अनुपस्थिति कार्य के प्रति उदासीनता को दर्शाती है जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा, एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिनव जे जैन, एसडीएम गोवर्धन प्राजक्ता त्रिपाठी सहित सभी तहसीलों के तहसीलदार और संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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