संवाददाता आलोक तिवारी
मथुरा बार एसोसिएशन के बहुप्रतीक्षित और प्रतिष्ठापरक चुनाव में जबरदस्त राजनीतिक सरगर्मी और कांटे की टक्कर देखने को मिली। देर रात तक चली मतगणना के बाद अध्यक्ष पद पर राघवेंद्र सिंह ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया, जबकि अध्यक्ष पद को छोड़कर शेष सभी पदों पर ब्राह्मण समाज के अधिवक्ताओं ने परचम लहराते हुए बार संगठन पर अपना वर्चस्व स्थापित कर दिया।
अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। राघवेंद्र सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी त्रिलोक चंद शर्मा को 111 मतों के अंतर से पराजित कर जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही राघवेंद्र सिंह बार एसोसिएशन के नए अध्यक्ष बने।
सचिव से लेकर कोषाध्यक्ष तक ब्राह्मण समाज का वर्चस्व, बार चुनाव बना चर्चा का विषय
नव निर्वाचित अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह।
चुनाव परिणामों ने साफ कर दिया कि इस बार बार एसोसिएशन में ब्राह्मण अधिवक्ताओं की मजबूत पकड़ देखने को मिली। छह प्रमुख पदों में से पांच पदों पर ब्राह्मण समाज के अधिवक्ताओं ने जीत दर्ज की, जिससे अधिवक्ता समुदाय में यह चुनाव व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।
उपाध्यक्ष पद पर राजकृष्ण भारद्वाज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1409 मत प्राप्त किए और अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। सचिव पद पर भी कांटे की टक्कर देखने को मिली, जहां मनोज शर्मा ने 1013 मतों के साथ जीत दर्ज की, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी अटल फौजदार को 708 मत मिले।
संयुक्त सचिव पद पर सुरेंद्र शर्मा ने 920 मत पाकर विजय हासिल की। ऑडिटर पद पर देवकीनंदन शर्मा (कमई वाले) ने रिकॉर्ड 1841 मत प्राप्त कर प्रचंड जीत दर्ज की, वहीं कोषाध्यक्ष पद पर विनोद शर्मा 1241 मतों के साथ निर्वाचित घोषित किए गए।
बार एसोसिएशन के इस चुनावी परिणाम ने न सिर्फ संगठन की भावी दिशा तय की है, बल्कि अधिवक्ता राजनीति में जातीय समीकरणों को भी एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। आने वाले समय में नई कार्यकारिणी से अधिवक्ताओं के हित में ठोस फैसलों की उम्मीद जताई जा रही है।
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