सोना-चांदी की कीमतों ने तोड़ी आम जनता की कमर , सर्राफा व्यापार पर मंडराया अस्तित्व का संकट

सोना-चांदी की कीमतों ने तोड़ी आम जनता की कमर , सर्राफा व्यापार पर मंडराया अस्तित्व का संकट
₹1.50 लाख सोना और ₹3 लाख चांदी: शादी-विवाह ठप, बाजार सुनसान

सोना और चांदी 
नई दिल्ली । देश में सोना-चांदी की कीमतें ऐतिहासिक ऊँचाई पर पहुँचने से आम जनता, मध्यम वर्ग और पारंपरिक सर्राफा व्यापार गंभीर संकट में आ गया है। वर्तमान में सोना ₹1,50,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹3,00,000 प्रति किलोग्राम के पार पहुँच चुकी है, जिससे शादियों में आभूषणों की खरीद लगभग ठप हो गई है।
संवाददाता आलोक तिवारी 
छोटे व मध्यम सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक खरीदने में असमर्थ हैं, शादियाँ टल रही हैं और लोकल ज्वैलरी मार्केट में सन्नाटा पसरा हुआ है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई दुकानें बंदी की कगार पर पहुँच चुकी हैं। GST, इम्पोर्ट ड्यूटी और सट्टेबाजी बनी ‘गोल्ड बम’, सरकार से तत्काल राहत की मांग प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री को सौंपा जाएगा ज्ञापन, देशव्यापी आंदोलन के संकेत देशभर के सर्राफा व्यापारियों ने प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री से हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा है कि सोना-चांदी अब संस्कृति की वस्तु न रहकर सट्टा बाजार की वस्तु बन चुकी है

3% GST, ऊँची Import Duty और MCX में अनियंत्रित सट्टेबाजी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं व्यापारियों का कहना है कि सर्राफा व्यापार केवल व्यापार नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा और करोड़ों परिवारों की आजीविका से जुड़ा हुआ है।

प्रमुख मांगें:
सोना-चांदी पर 3% GST हटाया या कम किया जाए
Import Duty में तत्काल कटौती हो
MCX व सट्टेबाजी पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए
शादी-विवाह के आभूषणों को विशेष राहत श्रेणी में रखा जाए

व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो देश का लोकल सर्राफा बाजार खत्म हो जाएगा और लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। सर्राफा समाज को उम्मीद है कि सरकार उनकी पीड़ा को समझेगी और शीघ्र राहत की घोषणा करेगी।

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