गणतंत्र दिवस का संदेश संविधान की सर्वोच्चता और राष्ट्रीय एकता है :डॉ.अब्दुल क़ुद्दूस हाशमी

गणतंत्र दिवस का संदेश संविधान की सर्वोच्चता और राष्ट्रीय एकता है :डॉ.अब्दुल क़ुद्दूस हाशमी
बच्चों ने कला के माध्यम से राष्ट्रीय एकता और सद्भाव का संदेश दिया
लखनऊ, 25 जनवरी:
मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी, लखनऊ के परिसर में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर अकादमी द्वारा छात्र–छात्राओं के लिए पोस्टर एवं बच्चों की ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 
प्रतियोगिता में बच्चों ने गणतंत्र दिवस की थीम पर रंग-बिरंगे चित्र और पोस्टर बनाकर अपनी सौंदर्य-बोध क्षमता और रचनात्मक प्रतिभा का प्रभावी प्रदर्शन किया। बच्चों की कलाकृतियों में भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब, राष्ट्रीय एकता और आपसी भाईचारे का सुंदर संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
इस अवसर पर अकादमी के जनरल सेक्रेटरी डॉ. अब्दुल क़ुद्दूस हाशमी ने बच्चों को संबोधित करते हुए गणतंत्र दिवस के महत्व तथा ललित कलाओं, विशेष रूप से ड्राइंग और कला की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने इस संसार को रंग-बिरंगे पहाड़ों, फूलों, पौधों और विभिन्न ऋतुओं से सजाया है, जो हमारे जीवन को सुखद और शांत बनाते हैं। जिन बच्चों में कला, डिज़ाइन और रचनात्मकता की क्षमता होती है, उनके लिए प्रगति के मार्ग सदैव खुले रहते हैं।
डॉ. हाशमी ने कहा कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर मौलाना आज़ाद ने पंडित जवाहरलाल नेहरू को सुझाव दिया था कि परेड और सलामी के साथ केवल सैन्य एवं रक्षा क्षमताओं का ही नहीं, बल्कि देश की संस्कृति, रंग-बिरंगी ललित कलाओं और स्थापत्य विरासत की झलक भी प्रस्तुत की जानी चाहिए, ताकि देश की जनता अपनी विविधतापूर्ण सांस्कृतिक धरोहर से परिचित हो सके। बाद में यह परंपरा केंद्र और राज्य स्तर पर अपनाई गई। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस का मूल संदेश संविधान की सर्वोच्चता और राष्ट्रीय एकता है।
प्रतियोगिता के समापन पर बच्चों का उत्साहवर्धन किया गया तथा उनकी कलाकृतियों की भूरी-भूरी प्रशंसा की गई।
डॉ. अब्दुल क़ुद्दूस हाशमी
मोबाइल: 9336984433

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