₹20,000 करोड़ के स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट में बड़े घोटाले और कमीशनखोरी की आशंका

*₹20,000 करोड़ के स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट में बड़े घोटाले और कमीशनखोरी की आशंका—प्रदेश महासचिव (युवा)*
*डिजिटल इंडिया के नाम पर ‘डिजिटल लूट’, 2 लाख से ज्यादा उपभोक्ता बिजली संकट से परेशान—महिला जिला उपाध्यक्ष*


झांसी उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर के नाम पर हो रही कथित लूट, गलत बिलिंग, बिजली कटौती और प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता के विरोध में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आवाह्न पर आम आदमी पार्टी, उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को प्रदेश के सभी जिला विद्युत उपकेन्द्रों पर जोरदार प्रदर्शन किया और महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर को “डिजिटल लूट” बताते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस जनविरोधी व्यवस्था को तत्काल बंद करने की मांग उठाई।

इस मौके पर जिलाध्यक्ष अरशद खान ने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर योजना पूरी तरह से फेल हो चुकी है और यह अब जनता को राहत देने के बजाय आर्थिक शोषण का माध्यम बन गई है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर इतने “स्मार्ट” हो गए हैं कि बैलेंस खत्म होते ही तुरंत बिजली काट देते हैं, लेकिन रिचार्ज के बाद भी 2 से 12 घंटे तक बिजली बहाल नहीं होती। यह व्यवस्था न केवल तकनीकी रूप से विफल है, बल्कि सरकार की नीयत पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
महानगर अध्यक्ष ग्यादीन कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश में अब तक लगभग 78 से 80 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से करीब 70 लाख प्रीपेड मीटर हैं। लाखों उपभोक्ता गलत बिलिंग, तेजी से बैलेंस खत्म होने और बिजली कटौती से परेशान हैं। कई मामलों में जहां पहले ₹1500 तक का बिजली बिल आता था, वह अब बढ़कर ₹6000–7000 तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि यह सीधा-सीधा जनता की जेब पर हमला है।

रिपोर्ट राशिद पठान 
6394131221

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