ट्रैप में फसे 453 नेपाली युवकों व युवतियों को पुलिस ने किया नेपाल सरकार के सुपुर्द

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नेपाली नागरिकों को नौकरी दिलाने के नाम पर अंतरराष्ट्रीय गिरोह के 2 महिलाओं सहित10 अभियुक्तों को कसया पुलिस ने किया गिरफ्तार

 ट्रैप में फसे 453 नेपाली युवकों व युवतियों को पुलिस ने किया नेपाल सरकार के सुपुर्द

 *कुशीनगर* ।
कुशीनगर जनपद के कसया नगर  में नेपाली नागरिकों क़ो पढ़ाई एवं नौकरी के नाम पर फर्जी नेटवर्किंग कम्पनी के जरिए ठगी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के 10 अभियुक्तों क़ो गिरफ्तार कर मामले का खुलासा एसपी कुशीनगर केशव कुमार द्वारा रविवार क़ो प्रेसवार्ता आयोजित कर किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में 8 पुरुष और 02 महिलाएं शामिल हैं।

 गिरफ्तार अभियुक्तो में दीपक थापा पुत्र भीम बहादुर थापा, निवासी थाना हेटैाडा, जिला भगवानपुर, नेपाल,ओमप्र काश चौलागाई पुत्र वेद नारायन, निवासी कन्याम, थाना फिकल,जनपद इलाम कोसी, नेपाल,नीमा शेरपा पुत्र दावा शेरपा, निवासी भानन्दे, थाना व जनपद तापलिओम नेपाल,गनेश खत्री पुत्र गोरखा बहादुर खत्री, निवासी थापा थाना, जनपद -जुमला नेपाल,सोजन्य संतन पुत्र कृष्ण बहादुर, निवासी नल्लू थाना कोनजेशोंम, जनपद ललित पुर बागमती प्रदेश नेपाल,ज्ञानेंद्र यादव पुत्र रामदेव यादव, निवासी माधोपुर, थाना लहान,जनपद सिरहा नेपाल,विशाल तामंग पुत्र वीर बहादुर निवासी नमो बुद्धा कानपुर, जनपद काँवरे बागमती, नेपाल,सर्वेश प्रताप राव पुत्र हरेंद्र प्रताप राव, निवासी परसौनी, थाना- कसयाजनपद कुशीनगर सहित दो महिला अभियुक्ता शामिल हैं।उनके पास से भारी मात्रा में कूट रचित दस्तावेज, आभूषण,लैपटॉप,नगद राशि (इंडियन एवं नेपाली करेंसी) आदि बरामद किया है। 

कसया थाने की पुलिस ने गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर उनके खिलाफ मु.अ. सं.319/2026 धारा 61(2),319(2),318(4),336(3),338,340(2)बीएनएस के तहत दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्यवाही में जुटी हुईं है।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इनकी गिरफ्तारी के लिए आठ टीमें गठित की गई थी, जिसके बाद इनकी गिरफ्तारी हो सकी है।गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष कसया आशुतोष सिंह,प्रभारी स्वाट टीम कुशीनगर स्वतंत्र सिंह,उ.नि.यशवंत सिंह एसटीएफ गोरखपुर यूनिट,उ. नि. विनायक सिंह एसटीएफ गोरखपुर यूनिट,शनि दूबे प्रभारी सर्विलांस सेल कुशीनगर,उ.नि.राहुल कुमार सिंह,उ.नि.रूद्र प्रताप सिंह शामिल रहे।

 *दिनेश जायसवाल की रिपोर्ट*

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