बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय एवं मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

ईमानदारी, पारदर्शिता एवं साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

लखनऊ, 30 अक्टूबर 2026, बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ के मुख्य सतर्कता कार्यालय तथा मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को इकरा पब्लिक स्कूल, बिजनौर, लखनऊ में सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को भ्रष्टाचार के दुष्प्रभावों, नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता, साइबर सुरक्षा तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सतर्कता निदेशक प्रो. आर. ए. खान के नेतृत्व में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. राजश्री, डॉ. रेणु पांडेय तथा मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी, लखनऊ के महासचिव डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी ने अपने विचार व्यक्त किए।

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. राजश्री ने साइबर सतर्कता एवं डिजिटल सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर अपराध, फर्जी लिंक, डिजिटल लेन-देन में सावधानी तथा व्यक्तिगत सूचनाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सतर्कता केवल प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के लिए साइबर जागरूकता भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को सत्यनिष्ठा, ईमानदारी एवं पारदर्शिता बनाए रखने तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध सजग रहने की शपथ भी दिलाई।

डॉ. रेणु पांडेय ने सामाजिक समानता, भाईचारे एवं सरकारी नीतियों पर अपने विचार रखे। उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सरकारी नीतियों की जानकारी देते हुए कहा कि नागरिकों को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्होंने सामाजिक सद्भाव, समान अवसर और जागरूक नागरिक सहभागिता को एक सशक्त एवं समावेशी समाज के निर्माण का आधार बताया।

डॉक्टर  अब्दुल कुद्दूस हाशमी ने कहा कि सतर्कता का अर्थ केवल भ्रष्टाचार की शिकायत करना नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना, ईमानदारी अपनाना और गलत कार्यों के विरुद्ध आवाज उठाना भी है। भ्रष्टाचार देश की प्रगति, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करता है। इसे समाप्त करने के लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। 
उन्होंने ने शिक्षा, सामाजिक सद्भाव एवं नागरिक चेतना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील और नैतिक नागरिकों का निर्माण करना भी है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों, विशेषकर महिलाओं ने सतर्कता, भ्रष्टाचार की रोकथाम, साइबर सुरक्षा तथा सरकारी योजनाओं से संबंधित विषयों पर प्रश्न पूछे। वक्ताओं ने उनके प्रश्नों का उत्तर देते हुए जागरूकता, जवाबदेही और सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, पारदर्शिता एवं नैतिक आचरण अपनाने तथा भ्रष्टाचार-मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ ली। कार्यक्रम ने स्थानीय जनसमुदाय में साइबर सतर्कता, सामाजिक जागरूकता और नैतिक जिम्मेदारी का संदेश प्रसारित किया।
जारीकर्ता:
डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी
महासचिव
मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी, लखनऊ
मोबाइल: 9336984433

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