झांसी: बढ़ती उम्र के साथ घुटनों और जोड़ों में दर्द की समस्या आम होती जा रही है, जिससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगती है। चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने, टहलने या सामान्य घरेलू काम करने में भी कठिनाई महसूस हो सकती है। उम्र बढ़ने के साथ घुटनों के जोड़ों में घिसाव बढ़ता है, जिसे ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी समस्या का मुख्य कारण माना जाता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह दर्द और जकड़न व्यक्ति की सक्रियता को काफी हद तक कम कर सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि घुटनों में लगातार दर्द, सूजन, जकड़न या चलने में परेशानी बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही समय पर जांच और उपचार से समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है। घुटनों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित हल्की एक्सरसाइज, संतुलित आहार, स्वस्थ वजन और आरामदायक फुटवेयर बेहद जरूरी हैं।
मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल वैशाली के ऑर्थोपेडिक्स एवं रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के डायरेक्टर डॉ अखिलेश यादव ने बताया कि रोबोटिक-असिस्टेड नी रिप्लेसमेंट आधुनिक तकनीक पर आधारित एक एडवांस प्रक्रिया है, जो पारंपरिक सर्जरी की तुलना में अधिक सटीक और प्रभावी मानी जाती है। इस तकनीक में रोबोटिक सिस्टम मरीज के घुटनों का विस्तृत मैप तैयार करता है, जिससे सर्जन अधिक प्रिसिशन के साथ सर्जरी कर पाते हैं।
उन्होंने बताया कि इस तकनीक से दर्द और रक्तस्राव कम हो सकता है, रिकवरी तेजी से होती है और मरीज जल्दी सामान्य जीवन में लौट सकते हैं। आज कई वरिष्ठ नागरिक रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट की मदद से फिर से सक्रिय और बिना दर्द के जीवन जी रहे हैं।
रिपोर्ट राशिद पठान
6394131221
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