लखनऊ, 19 जुलाई। मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी, लखनऊ के अध्यक्ष शारिक अलवी तथा महासचिव डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी ने अशोका विश्वविद्यालय की प्रख्यात इतिहासकार, प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं श्री शारिक अलवी की सुपुत्री प्रोफेसर सीमा अलवी को वर्ष 2026 के लिए ब्रिटिश अकादमी का इंटरनेशनल फेलो चुने जाने पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।
डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी ने अपने बधाई संदेश में कहा कि प्रोफेसर सीमा अलवी का यह सम्मान उनकी असाधारण शैक्षणिक एवं शोधपरक उपलब्धियों का वैश्विक सम्मान है। यह भारतीय इतिहास लेखन, लखनऊ की समृद्ध बौद्धिक परंपरा तथा देश की अकादमिक प्रतिष्ठा के लिए भी अत्यंत गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी के सभी सदस्य, लखनऊ का बौद्धिक एवं शिक्षाविद् वर्ग इस उपलब्धि पर गर्व का अनुभव कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से पीएच.डी. प्राप्त प्रोफेसर सीमा अलवी पिछले तीन दशकों से दक्षिण एशिया, औपनिवेशिक भारत, इंडो-फ़ारसी सांस्कृतिक विरासत, हिंद महासागर क्षेत्र, सैन्य, चिकित्सा एवं धार्मिक इतिहास पर उल्लेखनीय शोध कर रही हैं। अशोका विश्वविद्यालय से पूर्व वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया तथा दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्यापन एवं शोध कार्य कर चुकी हैं तथा उन्होंने इतिहासकारों की अनेक पीढ़ियों का मार्गदर्शन किया है।
डॉ. हाशमी ने कहा कि उनकी चर्चित पुस्तक "Muslim Cosmopolitanism in the Age of Empire" को अल्बर्ट हौरानी अवॉर्ड (ऑनरेबल मेंशन) तथा मॉनसून बुक प्राइज़ जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाज़ा जा चुका है। उनकी नवीनतम पुस्तक "Sovereigns of the Sea: Omani Ambition in the Age of Empire" हिंद महासागर के इतिहास पर एक महत्वपूर्ण शोधग्रंथ मानी जा रही है। इसके अतिरिक्त "Sepoys and the Company", "A European Experience of the Mughal Orient" (सह-लेखन), "Islam and Healing" तथा "Eighteenth Century in Indian History" जैसी उनकी अनेक कृतियाँ विश्व के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में संदर्भ ग्रंथ के रूप में पढ़ी जाती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रोफेसर सीमा अलवी दो बार फुलब्राइट स्कॉलर रह चुकी हैं। वे कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में स्मट्स विज़िटिंग फेलो, हार्वर्ड-येनचिंग इंस्टीट्यूट में विज़िटिंग स्कॉलर तथा हार्वर्ड विश्वविद्यालय के रैडक्लिफ इंस्टीट्यूट में विलियम बेंटिंक-स्मिथ फेलो भी रह चुकी हैं।
वर्तमान में वे अनेक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध-पत्रिकाओं के संपादकीय मंडलों की सदस्य हैं।
डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी ने कहा कि ब्रिटिश अकादमी का इंटरनेशनल फेलो चुना जाना मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में विश्व के सर्वोच्च सम्मानों में से एक है। प्रोफेसर सीमा अलवी की यह उपलब्धि भारतीय ज्ञान-परंपरा, गंभीर शोध और बौद्धिक उत्कृष्टता की वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रमाण है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनकी उपलब्धियाँ देश के युवा शोधार्थियों, विशेषकर छात्राओं को उच्च शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।
अंत में डॉ. हाशमी ने प्रोफेसर सीमा अलवी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु तथा निरंतर शैक्षणिक एवं शोधपरक उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।
कुद्दूस हाशमी
9336984433
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