वृक्षारोपण, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों का सम्मान
*कुशीनगर* ।
पूरे जनपद में स्वतंत्रता दिवस का पर्व पूरे हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। तत्पश्चात राष्ट्रगान हुआ तथा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं संविधान की मर्यादा के प्रति निष्ठा का संकल्प लिया।
ध्वजारोहण के उपरांत जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, जवानों, बच्चों, उनके अभिभावकों एवं गणमान्य नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए गौरव और प्रेरणा का दिन है। स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत देश 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। यह अवसर हमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को स्मरण करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निर्धारित करने की प्रेरणा देता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना “We, the People of India” अर्थात् “हम भारत के लोग” से प्रारंभ होती है। इसका अर्थ है कि यह देश हम सभी का है और इसकी जिम्मेदारी भी हम सभी की है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने अधिकारों की बात करते हैं, तो हमें अपने कर्तव्यों को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे “पहले कर्तव्य, फिर अधिकार” की भावना को अपने जीवन एवं कार्यशैली का हिस्सा बनाएं। प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने दायित्वों का ईमानदारी, निष्ठा एवं पूर्ण जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करे तो राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं है, बल्कि आर्थिक एवं सामाजिक स्वतंत्रता भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज के समय में हमें गंदगी सहित विभिन्न सामाजिक बुराइयों से भी आजादी प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों एवं शहीदों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह सहित असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को सदैव स्मरण करते हुए हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बलिदान का अर्थ केवल प्राणों का बलिदान देना ही नहीं है, बल्कि अपने समय, ऊर्जा एवं सामर्थ्य का सदुपयोग करते हुए देश एवं समाज के विकास में योगदान देना भी राष्ट्र सेवा है।
उन्होंने जनपद के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रह्लाद प्रजापति की उपस्थिति को गौरव एवं सौभाग्य का विषय बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का संघर्ष एवं त्याग हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों एवं उनके परिवारों का सम्मान करना तथा उनके संघर्षों से प्रेरणा लेकर देश को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रह्लाद प्रजापति सहित जनपद के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को अंगवस्त्र एवं मिष्ठान प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए किए गए उनके त्याग एवं संघर्ष को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके बलिदान की स्मृति आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रप्रेम एवं देशसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि कलेक्ट्रेट सभागार के समीप स्थित पार्क को विकसित किया जा रहा है, जहाँ देश के महान महापुरुषों की स्मृतियों को संजोने का प्रयास किया गया है। इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को देश के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम तथा महापुरुषों के योगदान से परिचित कराना और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। हम जिस भी क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, यदि उसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करते हैं तो हमारा छोटा-सा प्रयास भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में शत-प्रतिशत योगदान देने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि आज उपस्थित बच्चे देश की आने वाली पीढ़ी हैं। हम सभी को यह विचार करना होगा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हम कैसा भारत छोड़कर जाना चाहते हैं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हमारा बीता हुआ कल हमारे आज से बेहतर हो और आने वाला कल हमारे आज से भी बेहतर हो।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। जिलाधिकारी सहित उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और पौधारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों का संरक्षण एवं संवर्धन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के अंतर्गत जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अधिकारियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग एवं बलिदान को स्मरण करते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), उप जिलाधिकारी/प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी सहित कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
*दिनेश जायसवाल की रिपोर्ट*
0 टिप्पणियाँ