जापानी महिला प्रतिनिधिमंडल ने जाना यूपी में महिला एवं बाल सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण का मॉडल

महिला-बालिका सुरक्षा से लेकर आर्थिक स्वावलंबन तक, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने समझी यूपी की कल्याणकारी पहलें
यूपी की महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं से प्रभावित हुआ जापानी प्रतिनिधिमंडल, सुरक्षा-सशक्तिकरण मॉडल पर हुआ संवाद
महिलाओं और बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में यूपी के प्रयासों से रूबरू हुआ जापानी प्रतिनिधिमंडल
सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में यूपी की पहलें बनीं जापानी प्रतिनिधिमंडल के लिए चर्चा का केंद्र
लखनऊ: 21 अगस्त, 2026
यामानाशी प्रीफेक्चर, जापान से आए महिला प्रतिनिधिमंडल के साथ दिनांक 21 अगस्त, 2026 को माननीय मंत्री महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उनके सरकारी आवास पर पूर्वाहन 11ः00 बजे शिष्टाचार भेंट की जिसमें उत्तर प्रदेश में बच्चों व महिलाओं के विकास, स्वालम्बन व सशक्तिकरण के सम्बन्ध में सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ।
माननीय मंत्री जी द्वारा महिला प्रतिनिधिमण्डल को महिला सुरक्षा के सम्बन्ध में विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों/प्रयासों के सम्बन्ध में भी अवगत कराते हुए बताया गया कि संकटग्रस्त बच्चों की सहायता के लिए 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन तथा महिलाओं के लिए 181 महिला हेल्पलाइन 24×7 संचालित हैं। इनके माध्यम से अब तक क्रमशः लगभग 3.34 लाख बच्चों तथा 9.71 लाख महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराई गई है।

 इसके साथ ही हिंसा से प्रभावित महिलाओं को चिकित्सा, पुलिस सहायता, विधिक सहायता, परामर्श एवं अस्थायी आश्रय एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 124 वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से बालिका जन्म, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं सुरक्षा के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया जा रहा है। लगभग 3. 68 लाख गतिविधियों के माध्यम से 294.50 लाख महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूक किया गया है तथा 4,745 कन्या जन्मोत्सव आयोजित किए गए हैं। महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध जघन्य अपराधों से प्रभावित पीड़िताओं को उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के माध्यम से आर्थिक एवं चिकित्सकीय सहायता दी जाती है, जिसमें अब तक 18,866 महिलाओं एवं बालिकाओं को लगभग ₹659.04 करोड़ की सहायता प्रदान की जा चुकी है।

महिलाओं के आर्थिक संबल व सशक्तिकरण के लिए विभाग द्वारा संचालित पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिलाओं को निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत ₹1,000 प्रतिमाह सहायता दी जा रही है, जिससे लगभग 41.42 लाख महिलाओं को पेंशन प्रदान की जा रही है। विभाग द्वारा कामकाजी महिलाओं के सुरक्षित आवास के लिए सखी निवास योजना संचालित की जा रही है। 
इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास के अंतर्गत आधुनिक सुविधाओं से युक्त, प्रत्येक की 500 क्षमता वाले 13 महिला छात्रावास विकसित किए जा रहे हैं तथा राजकीय महिला शरणालय, संरक्षण गृह तथा शक्ति सदन भी संचालित किए जा रहे हैं। वृन्दावन-मथुरा स्थित कृष्ण कुटीर आश्रय सदन में निराश्रित माताओं को निःशुल्क सुरक्षित आवास, स्वास्थ्य सेवा, पौष्टिक भोजन एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाता है।
बच्चों के संरक्षण एवं कल्याण के लिए विभाग द्वारा किये जा रहे प्रयासों के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि अनाथ, परित्यक्त, अभ्यर्पित तथा कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों के संरक्षण एवं सुरक्षित आश्रय के लिए ₹100 करोड़ की मुख्यमंत्री बाल आश्रय योजना प्रारम्भ की गई है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड) के अंतर्गत कोविड के कारण माता-पिता को खोने वाले बच्चों को ₹4,000 प्रतिमाह की सहायता सहित शिक्षा, आवास एवं अन्य सुविधाएँ दी जा रही हैं। अब तक 10,058 बच्चे लाभान्वित हुए हैं।
 इसी प्रकार मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के माध्यम से पात्र बच्चों एवं युवाओं को ₹2,500 प्रतिमाह की सहायता दी जाती है और अब तक लगभग 1.09 लाख बच्चे लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत बालिका के जन्म से उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा तक विभिन्न चरणों में कुल ₹25,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना से अब तक लगभग 28.35 लाख बालिकाएँ लाभान्वित हुई हैं।
अपर मुख्य सचिव, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार द्वारा जापान के महिला प्रतिनिधिमंडल को प्रदेश में मातृ-शिशु के पोषण एवं स्वास्थ्य के सम्बन्ध में किये जा रहे प्रयासों के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि प्रदेश में अनुपूरक पुष्टाहार कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 156 लाख लाभार्थियों को प्रतिमाह पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। नवीन व्यवस्था के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के नवीन मानको यथा- 2023 के अनुरूप रेसिपी आधारित पूरक पुष्टाहार की व्यवस्था लागू की गई है। प्रदेश के 43 जनपदों में स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित 204 THR उत्पादन इकाइयों के माध्यम से तथा अन्य क्षेत्रों में NAFED के माध्यम से अनुपूरक पुष्टाहार की आपूर्ति की जा रही है। 
लाभार्थियों के पंजीकरण एवं पुष्टाहार वितरण में Face Recognition System (FRS)  का उपयोग किया जा रहा है व लाभार्थियों का आधार (यूनीक आई०डी० नं०) व मोबाइल नं० का वैरिफिकेशन करते हुए   E-KYC  की जाती है, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो रही है। आंगनवाड़ी केन्द्रों पर 3-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए हॉट कुक्ड मील की व्यवस्था संचालित है। वर्तमान में लगभग 35.46 लाख बच्चों को हॉट कुक्ड मील उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) के सम्बन्ध में बच्चों के समग्र विकास के लिए आंगनवाड़ी केन्द्रों को Early Childhood Care and Education (ECCE)  के संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है। प्रदेश के आंगनवाड़ी केन्द्रों पर प्री-स्कूल किट, ECCE मैनुअल, वार्षिक गतिविधि कैलेण्डर, बाल गतिविधि पुस्तिका तथा कहानी की पुस्तकों जैसी सामग्री उपलब्ध कराई गई है।
ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से लगभग 10.45 लाख स्वयं सहायता समूहों से  1.22 करोड़ से अधिक परिवारों को जोड़ा गया है। महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए रिवॉल्विंग फंड एवं सामुदायिक निवेश निधि के माध्यम से बड़े स्तर पर वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। ग्रामीण महिलाओं के डिजिटल एवं वित्तीय समावेशन के लिए बैंक सखी, विद्युत सखी और बीसी सखी के रूप में हजारों महिलाओं को आजीविका के अवसर दिए गए हैं। महिला दुग्ध उत्पादकों को संगठित कर बलिनी, सामर्थ्य, काशी, बाबा गोरखनाथ और सृजनी जैसी पाँच दुग्ध उत्पादक कंपनियाँ गठित की गई हैं, जिनसे 31 जनपदों के हजारों गाँवों की 3.88 लाख से अधिक महिला शेयरधारक जुड़ी हैं। लखपति महिला योजना के अंतर्गत प्रदेश की 28.15 लाख से अधिक महिलाएँ वार्षिक ₹1 लाख से अधिक आय अर्जित कर लखपति दीदी बन चुकी हैं।
माननीय मंत्री जी के साथ उक्त शिष्टाचार बैठक में जापानी महिला प्रतिनिधिमण्डल के अतिरिक्त अपर मुख्य सचिव, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, निदेशक महिला कल्याण, निदेशक बाल विकास एवं पुष्टाहार व सम्बन्धित विभाग के अन्य अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
सम्पर्क सूत्र- लाल कमल

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